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इबोला वायरस से निपटने के लिए केन्या के साथ खड़ा भारत, 6 हजार पीपीई किट की मदद भेजी

इबोला वायरस से निपटने के लिए केन्या के साथ खड़ा भारत, 6 हजार पीपीई किट की मदद भेजी
इबोला वायरस से निपटने के लिए केन्या के साथ खड़ा भारत, 6 हजार पीपीई किट की मदद भेजी

नैरोबी, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। केन्या में इबोला वायरस से लड़ने के प्रयासों के प्रति समर्थन जताते हुए भारत ने कहा कि वह इस बीमारी से निपटने के लिए केन्या के साथ मजबूती से खड़ा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों तथा प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखेगा।

केन्या में भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "इबोला वायरस रोग से मुकाबले के लिए भारत केन्या के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम केन्या की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया प्रणाली को समर्थन देने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

भारतीय उच्चायोग का यह बयान केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक आयातित इबोला मामले की पुष्टि किए जाने के बाद आया। मंत्रालय के अनुसार, यह मामला कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) से आए एक यात्री से जुड़ा था, जिसकी 6 अक्टूबर को मौत हो गई।

केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "आयातित इबोला मामले की पुष्टि के बावजूद केन्या सुरक्षित, खुला और सतर्क बना हुआ है।"

भारत ने इबोला से निपटने के प्रयासों में सहयोग के तहत 6,000 पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट भी उपलब्ध कराए हैं।

केन्या के स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव एडेन डुआले ने राजनयिक समुदाय, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकास साझेदारों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, डुआले ने बताया कि एक आयातित मामला देश में व्यापक संक्रमण फैलने का प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया सत्यापित महामारी विज्ञान संबंधी जानकारी, वैज्ञानिक तथ्यों और स्थापित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के आधार पर संचालित की जा रही है।

मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय घटना प्रबंधन प्रणाली (नेशनल इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम) मई 2026 से सक्रिय है और राष्ट्रीय तथा काउंटी स्तर की आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्थाएं हाई अलर्ट पर हैं।

स्वास्थ्य केंद्रों और समुदायों में निगरानी बढ़ा दी गई है। संभावित खतरों की जांच और निगरानी के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रिस्पॉन्स टीमें) भी तैनात हैं।

मंत्रालय के अनुसार, अब तक 4,971 स्वास्थ्यकर्मियों को इबोला की रोकथाम और प्रतिक्रिया संबंधी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा, देश के 15 प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य जांच जारी है, जहां 6.52 लाख से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण सामग्री तथा पीपीई किट की उपलब्धता बढ़ाकर प्रतिक्रिया को मजबूत किया गया है। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा दान किए गए 1,000 पीपीई सेट और भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 6,000 पीपीई किट शामिल हैं। इसके अलावा केन्या सरकार, डब्ल्यूएचओ, अमेरिका, आईजीएडी, अफ्रीका सीडीसी और अन्य विकास साझेदार भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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