भारत में बेरोजगारी दर सितंबर में 0.2 प्रतिशत घटकर 5 प्रतिशत पर पहुंची : एनएसओ
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में बेरोजगारी दर सालाना आधार पर सितंबर में 0.2 प्रतिशत घटकर 5 प्रतिशत हो गई है। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों में दी गई।
एनएसओ के मुताबिक, इस दौरान ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 0.4 प्रतिशत कम होकर 4.2 प्रतिशत रह गई है। पिछले साल समान अवधि में यह 4.6 प्रतिशत पर थी। वहीं, शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर पिछले के समान ही सितंबर में करीब 6.8 प्रतिशत पर स्थिर रही है।
सितंबर में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 0.2 प्रतिशत बढ़कर 55.5 प्रतिशत हो गई है। यह पिछले साल की समान अवधि में 55.3 प्रतिशत पर थी।
इस दौरान ग्रामीण एलएफपीआर 0.6 प्रतिशत बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई है, जो कि पहले 57.4 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी एलएफपीआर सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत कम होकर 50.7 प्रतिशत हो गई है, जो कि पहले 50.9 प्रतिशत थी।
हालांकि, शहरी एलएफपीआर में सितंबर में मासिक आधार पर सुधार देखा गया है, जो कि 0.3 प्रतिशत का सुधार देखा गया है।
सितंबर 2026 में कुल महिला एलएफपीआर 34.6 प्रतिशत रहा, जबकि अगस्त 2026 में यह 34.8 प्रतिशत था। शहरी महिला एलएफपीआर में महीने-दर-महीने के आधार पर 0.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 25.4 प्रतिशत से बढ़कर 25.9 प्रतिशत हो गया, जो अक्टूबर 2025 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।
कुल महिला एलएफपीआर में सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई और यह सितंबर 2025 के 34.1 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2026 में 34.6 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण महिला एलएफपीआर में 1.0 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई और यह 37.9 प्रतिशत से बढ़कर 38.9 प्रतिशत हो गया।
सितंबर में कुल श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 52.7 प्रतिशत पर लगभग स्थिर रहा। शहरी डब्ल्यूपीआर अक्टूबर 2025 के बाद के अपने उच्चतम स्तर 47.2 प्रतिशत पर पहुंच गया। यह सुधार दोनों लिंगों में देखने को मिला। शहरी पुरुषों का डब्ल्यूपीआर 70.7 प्रतिशत से बढ़कर 71.0 प्रतिशत हो गया और शहरी महिलाओं का डब्ल्यूपीआर 23.2 प्रतिशत से बढ़कर 23.5 प्रतिशत हो गया।
कुल डब्ल्यूपीआर सालाना आधार पर में 0.3 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई और यह सितंबर 2025 के 52.4 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2026 में 52.7 प्रतिशत हो गया।
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