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भारत और मोरक्को द्विपक्षीय व्यापार व बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश के नए अवसर विकसित करने पर दे रहे जोर: जितिन प्रसाद

भारत और मोरक्को द्विपक्षीय व्यापार व बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश के नए अवसर विकसित करने पर दे रहे जोर: जितिन प्रसाद
भारत और मोरक्को द्विपक्षीय व्यापार व बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश के नए अवसर विकसित करने पर दे रहे जोर: जितिन प्रसाद

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत और मोरक्को द्विपक्षीय व्यापार को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करने, बाजार पहुंच बढ़ाने और निवेश व औद्योगिक सहयोग के नए अवसर विकसित करने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।

राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, जो 24 से 25 अगस्त तक मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर हैं, मोरक्को के उद्योग एवं व्यापार मंत्री के विदेश व्यापार मामलों के राज्य सचिव उमर हेजीरा के साथ भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग (जॉइंट कमीशन) के 7वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच वर्तमान आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग की समीक्षा की जाएगी तथा भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

बैठक में व्यापार और बाजार पहुंच, उर्वरक उत्पादन एवं आपूर्ति, निवेश, औद्योगिक सहयोग, सीमा शुल्क, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, दवा और स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा एवं खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, आयुष, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

यात्रा के दौरान भारत और मोरक्को के बीच खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता मोरक्को के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय (ओएनएसएसए) और भारत के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के बीच होगा।

इस समझौते के तहत आयातित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा, खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं, विश्लेषणात्मक विधियों तथा आयात प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, नमूना परीक्षण, पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े विषयों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही दोनों देशों के बीच तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।

संयुक्त आयोग की बैठक में 2026-2030 के लिए भारत-मोरक्को सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकारों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों और पेशेवरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा, दोनों देशों के संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागार संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, विरासत संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

भारत और मोरक्को के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं और व्यापारिक सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 4 अरब डॉलर रहा।

भारत मोरक्को को मुख्य रूप से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, वाहन, सिंथेटिक वस्त्र, खाद्य उत्पाद और मसालों का निर्यात करता है। वहीं मोरक्को भारत को मुख्य रूप से फॉस्फेट और उर्वरकों की आपूर्ति करता है, जो भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मोरक्को यात्रा के दौरान जितिन प्रसाद कई वरिष्ठ मोरक्को नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह भारत-मोरक्को संयुक्त व्यापार मंच में भी भाग लेंगे और राजधानी रबात में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

इन बैठकों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, संयुक्त उद्यमों और नई कारोबारी साझेदारियों के अवसर तलाशना है। दोनों देश अफ्रीका, यूरोप और एशिया को जोड़ने वाले रणनीतिक व्यापारिक मार्गों का लाभ उठाकर आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

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