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भारतीयों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया हालात पर भारत की नजर: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया के हालातों पर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को बताया कि भारत ने क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए रखी है और खाड़ी देशों के साथ अपने संपर्कों को और मजबूत किया है।
भारतीयों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया हालात पर भारत की नजर: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया के हालातों पर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को बताया क‍ि भारत ने क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए रखी है और खाड़ी देशों के साथ अपने संपर्कों को और मजबूत किया है।

एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर हुई एक अंतर-मंत्रालयी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के निर्देश पर भारत ने खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंध और मजबूत किए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 25-26 अप्रैल को यूएई का दौरा किया। उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रधानमंत्री की तरफ से उनके लिए शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने भारत-यूएई के व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय हालात और अन्य आपसी मुद्दों पर भी बात हुई।”

रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह एक महीने के अंदर भारत से यूएई की दूसरी उच्च स्तरीय यात्रा है।

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11-12 अप्रैल को यूएई का दौरा किया था। उन्होंने वहां अपने समकक्ष से मुलाकात की और यूएई के राष्ट्रपति से भी मिले। खासकर हाल के संघर्ष के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई का ध्यान रखने के लिए धन्यवाद दिया।

इसी ब्रीफिंग के दौरान एमईए के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने कहा कि मंत्रालय पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में एक खास कंट्रोल रूम चल रहा है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब दे रहा है।

उन्होंने कहा, “विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। हमारा पूरा ध्यान वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई पर है। हम राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि जानकारी साझा की जा सके और मिलकर काम किया जा सके। मंत्रालय में बना विशेष कंट्रोल रूम अभी भी चालू है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद कर रहा है। इसके अलावा, हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास भी 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं, ताकि समय पर सहायता दी जा सके।”

उन्होंने कहा क‍ि वे हमारे नागरिकों की सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं। समय-समय पर नई एडवाइजरी जारी की जा रही है, जिनमें स्थानीय सरकार के दिशा-निर्देश, फ्लाइट और यात्रा की स्थिति, कांसुलर सेवाओं और समुदाय के लिए किए जा रहे कल्याण उपायों की जानकारी शामिल होती है। हमारे मिशन वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ लगातार जुड़े हुए हैं। वे नियमित रूप से भारतीय समुदाय के संगठनों, प्रोफेशनल ग्रुप्स और भारतीय कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में भारतीय समुद्री कामगारों (सीफरर्स) की भलाई सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। हमारे मिशन उन्हें हर तरह की मदद दे रहे हैं, जैसे स्थानीय अधिकारियों से समन्वय करना, कांसुलर सहायता देना और जरूरत पड़ने पर भारत लौटने की व्यवस्था में मदद करना।

महाजन ने बताया कि पश्चिम एशिया में फ्लाइट की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और भारत के लिए अलग-अलग जगहों से अतिरिक्त उड़ानें भी शुरू हो रही हैं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी के बाद से अब तक लगभग 13,19,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि एयर इंडिया और इंडिगो भी जल्द ही कतर से भारत के लिए उड़ानें फिर से शुरू करने की योजना बना रही हैं। कुवैत का एयरस्पेस खुला है और वहां से जजीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज सीमित उड़ानें चला रही हैं। बहरीन से गल्फ एयर भी भारत के अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है।

उन्होंने बताया कि इराक का एयरस्पेस खुला है, लेकिन वहां सीमित उड़ानें ही चल रही हैं, जिनका उपयोग भारत आने के लिए किया जा सकता है। ईरान का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और मुख्य रूप से कार्गो और चार्टर्ड फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल हो रहा है। भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है।

इजरायल का एयरस्पेस खुला है और सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो चुकी हैं, जिनका उपयोग भारत लौटने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच आठ अप्रैल से दो हफ्ते का युद्धविराम (सीजफायर) हुआ था। इसके बाद 11-12 अप्रैल को दोनों देशों के बीच बातचीत का पहला दौर हुआ, जिसका मकसद संघर्ष खत्म करना था, लेकिन 21 घंटे की बातचीत के बाद ये चर्चा सफल नहीं हो सकी और खत्म हो गई।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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