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भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है: एसोचैम

भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है: एसोचैम
भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है: एसोचैम

टोक्यो, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा बुधवार को जारी की गई शीर्ष संस्था एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचने की क्षमता रखता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती पूरकता, व्यापारिक सहयोग में विस्तार और निवेश संबंधों की मजबूती इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में आयोजित स्टार्टअप गोलमेज बैठक के दौरान "इंडिया-जापान @75: स्थायी मित्रता से रणनीतिक व्यापारिक साझेदारी तक" शीर्षक वाली एसोचैम रिपोर्ट का विमोचन किया। इस अवसर पर एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा, महासचिव सौरभ सान्याल और जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में भारत के कुल वैश्विक व्यापार में जापान की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम है, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

एसोचैम के अनुसार, भारत और जापान के आर्थिक संबंध अब पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहे हैं। दोनों देश सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत विनिर्माण और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं। इन क्षेत्रों में साझेदारी भविष्य के आर्थिक संबंधों की नई आधारशिला बन सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विशाल घरेलू बाजार, युवा कार्यबल और तेजी से विकसित हो रहा विनिर्माण आधार, जापान की उन्नत तकनीक, पूंजी और औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ मिलकर दोनों देशों को एक मजबूत आर्थिक साझेदारी का अवसर प्रदान करता है।

एसोचैम ने यह भी कहा कि भारत में कारोबार सुगमता से जुड़े सुधारों में और तेजी आने पर जापानी निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है। इससे दोनों देशों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और औद्योगिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

भारत और जापान पिछले कुछ वर्षों से विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग को गहरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वहीं, निजी क्षेत्र के बीच बढ़ते संपर्क और संयुक्त परियोजनाएं दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को नई ऊंचाई तक ले जा सकती हैं।

इससे पहले जापान यात्रा के तीसरे दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्होंने जापान के प्रमुख उद्योग और वित्तीय क्षेत्र के नेताओं के साथ बैठकों में भारत में उपलब्ध निवेश और व्यापारिक अवसरों को विस्तार से रखा। उन्होंने व्यापार, गतिशीलता, विनिर्माण, बैंकिंग और बीमा क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही संभावनाओं पर चर्चा की।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने टोयोटा त्सुशो कॉर्पोरेशन, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसएमबीसी) समूह, मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) और निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत में निवेश, औद्योगिक सहयोग, वित्तीय सेवाओं और दीर्घकालिक कारोबारी साझेदारी को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की गई।

--आईएएनएस

डीबीपी

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