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भारत ने 9वीं सदी के नालंदा ताम्रपत्र की प्रतिकृति जकार्ता स्थित संस्थान को सौंपी

भारत ने 9वीं सदी के नालंदा ताम्रपत्र की प्रतिकृति जकार्ता स्थित संस्थान को सौंपी
भारत ने 9वीं सदी के नालंदा ताम्रपत्र की प्रतिकृति जकार्ता स्थित संस्थान को सौंपी

जकार्ता, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि भारत ने जकार्ता स्थित नालंदा इंस्टीट्यूट को 9वीं सदी की 'नालंदा ताम्र-पट्टिका' की एक प्रतिकृति सौंपी है। यह ताम्र-पट्टिका भारत और श्रीविजय साम्राज्य के बीच प्राचीन समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण है।

इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने इसकी एक प्रतिकृति सौंपी। साथ ही, दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों के प्रतीक के रूप में संस्थान के परिसर में एक बोधि का पौधा भी लगाया गया।

दूतावास ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "इतिहास के पन्ने पलटे गए! राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने जकार्ता स्थित नालंदा संस्थान को 9वीं सदी की 'नालंदा ताम्रपत्र' (कॉपर प्लेट) की एक प्रतिकृति सौंपी।"

इसमें आगे कहा गया, "यह ऐतिहासिक शिलालेख भारत और श्रीविजय साम्राज्य के बीच प्राचीन समुद्री कूटनीति, सांस्कृतिक संबंधों और साझा विरासत का एक कालातीत प्रमाण है। दोनों देशों के बीच स्थायी द्विपक्षीय संबंधों के प्रतीक के रूप में परिसर में एक बोधि पौधा भी लगाया गया।"

फिलहाल दोनों देश गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया की ऐतिहासिक यात्रा की शताब्दी बड़े उत्साह के साथ मना रहे हैं। महान शिक्षाविद् और इंडोनेशिया के पहले शिक्षा मंत्री, देवान्तारा ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शिक्षा पर उनके विचार गुरुदेव टैगोर के दर्शन से प्रभावित थे। इसलिए, भारत और इंडोनेशिया इस शताब्दी वर्ष को 'टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष' के रूप में मना रहे हैं।

इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने जुलाई में घोषणा की थी कि जुलाई 2026 से सितंबर 2027 तक 'टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष' का आयोजन होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने “टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष” मनाने की घोषणा की थी। इसके तहत जुलाई 2026 से सितंबर 2027 तक, यानी 15 महीनों तक, दोनों देशों के बीच उत्सव, फिल्में, फैशन, वस्त्र, साहित्य, शिक्षा और छात्रवृत्ति से जुड़े आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

केआर/

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