वैश्विक ऊर्जा झटकों के बीच मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था, वित्त वर्ष 27 में 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद: फिच
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 के लिए भारत के विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 6.4 प्रतिशत था। इसकी वजह मध्य पूर्व में युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा झटकों के बीच अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन करना है।
फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ उसके 'जून ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक' में अनुमानित आंकड़ों से काफी बेहतर रही है, जिसके चलते पूरे साल के लिए उसके अनुमान में 50 आधार अंक (0.5 प्रतिशत) की बढ़ोतरी की गई है।
अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले की तिमाही में यह ग्रोथ बढ़कर 8.6 प्रतिशत हो गई थी, जिससे वित्त वर्ष 26 के लिए ग्रोथ का अनुमान फिच के पहले के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गया है।
यह बढ़ा हुआ अनुमान ऐसे समय पर आया है जब रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में विस्तार की गति धीमी हो जाएगी। पीएमआई सर्वेक्षण से पता चला है कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में विस्तार धीमा हुआ है। साथ ही, सामान्य से कम मानसून बारिश से खेती के उत्पादन और ग्रामीण मांग पर असर पड़ने की संभावना है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ती महंगाई से परिवारों की असली आय और ग्राहकों के खर्च पर दबाव पड़ सकता है। इससे ग्राहकों के खर्च में बढ़ोतरी की रफ्तार वित्त वर्ष 27 में धीमी होकर 5.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल 7.2 प्रतिशत थी।
रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 28 में जीडीपी ग्रोथ धीमी होकर 6.5 प्रतिशत रह जाएगी (जो उसके पिछले अनुमान से थोड़ी कम है), क्योंकि ग्राहकों का खर्च और निवेश गतिविधियां जारी रहेंगी। साथ ही, एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 29 में ग्रोथ 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रहेगी।
महंगाई को लेकर रिपोर्ट में कहा गया कि दिसंबर 2026 तक यह बढ़कर 5.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, इसलिए एजेंसी को मानना है कि केंद्रीय बैंक अपनी अक्टूबर की बैठक में पॉलिसी रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर देगा, और इसके बाद 2027 की शुरुआत में इसमें 25 आधार अंक की और बढ़ोतरी करेगा।
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