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अमेरिका, चीन और इजरायल आगे, लेकिन भारत भी बन सकता है वैश्विक एआई पावर: एलेक्स कार्प

अमेरिका, चीन और इजरायल आगे, लेकिन भारत भी बन सकता है वैश्विक एआई पावर: एलेक्स कार्प
अमेरिका, चीन और इजरायल आगे, लेकिन भारत भी बन सकता है वैश्विक एआई पावर: एलेक्स कार्प

चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना), 3 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स कंपनी पैलेंटिर टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेक्स कार्प ने कहा है कि भारत एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने इसके लिए देश की तकनीकी प्रतिभा, ऊर्जा क्षेत्र में की गई पहल और उन्नत एआई मॉडल विकसित करने की क्षमता को प्रमुख कारण बताया।

आईएएनएस से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि वह एआई के क्षेत्र में भारत का भविष्य कैसे देखते हैं तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत इस क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।"

उन्होंने कहा कि एआई के विकास के लिए मॉडल डेवलपमेंट, ऊर्जा संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप लोग ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए कई रचनात्मक और व्यावहारिक कदम उठा रहे हैं।

कार्प ने एआई के विकास के लिए एनर्जी और टेक्निकल जानकारी को बहुत जरूरी बताया। उन्होंने कहा क‍ि एआई के सामने आने वाली बड़ी बाधाओं में ऊर्जा और तकनीकी प्रतिभा शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हर देश के पास अपनी अलग तकनीकी क्षमताएं होती हैं और उन्हें उसी आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

कार्प ने एआई को पिछले सौ वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति में से एक बताया। उन्होंने कहा क‍ि यह शायद पिछले 100 वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि एआई का इस्तेमाल अच्छे और बुरे दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

कार्प ने कहा इसका इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए भी हो सकता है और गलत कामों के लिए भी। इसलिए जरूरी है कि विशेषज्ञ इसकी निगरानी करें। हर देश को अपनी जरूरतों के हिसाब से स्वतंत्र और स्वदेशी एआई सिस्टम विकसित करना होगा।

उन्होंने कहा, "इस सम्मेलन की सबसे दिलचस्प बात यह है कि हर देश को यह तय करना होगा कि वह अपना खुद का एआई सिस्टम कैसे विकसित और नियंत्रित करेगा।"

कार्प ने कहा, "आप वेट्स को कैसे कंट्रोल करते हैं? आप डेटा को कैसे कंट्रोल करते हैं? आप यह कैसे पक्का करते हैं कि यह आपके अपने देश का ही हो?" देशों को इन सवालों के जवाब खोजने होंगे।"

कार्प ने कहा कि इस समय एआई के क्षेत्र में अमेरिका, चीन और इजरायल अग्रणी देशों में हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिका, चीन और इजरायल इस समय सबसे आगे हैं, लेकिन दूसरे देशों के लिए भी जरूरी है कि वे अपनी एआई क्षमताएं विकसित करें और उनका सही उपयोग करें।"

कार्प ने कहा कि एआई का उपयोग करने वाले संगठनों को केवल कंप्यूटिंग क्षमता ही नहीं, बल्कि ऐसा सिस्टम भी चाहिए जो यह तय कर सके कि कौन-सा डेटा किस मॉडल में इस्तेमाल होगा।

उन्होंने कहा, "आपको कंप्यूटिंग क्षमता चाहिए, एप्लिकेशन लेयर चाहिए और यह भी तय करना होगा कि किस जगह ओपन मॉडल और किस जगह क्लोज्ड मॉडल का इस्तेमाल करना है, ताकि महत्वपूर्ण जानकारी और सरकारी गोपनीयता सुरक्षित रहे।"

कार्प ने बताया कि पैलेंटिर का प्लेटफॉर्म विभिन्न कंपनियों की ओर से विकसित एआई मॉडलों के साथ काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी अमेरिकी तकनीकों को प्राथमिकता देती है, लेकिन व्यावसायिक बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का समर्थन भी करती है।

उन्होंने कहा, "हमें यह मुकाबला जीतना होगा और अमेरिकी मॉडल सबसे बेहतर होने चाहिए। लेकिन केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि लोग हमारे मॉडल इस्तेमाल करें, अगर वे महंगे हों और बेहतर भी न हों।"

कार्प ने सरकारों को एआई से जुड़े नियम बनाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियम जरूरी हैं, लेकिन उन्हें ऐसे लोगों की ओर से बनाया जाना चाहिए जो इस तकनीक को अच्छी तरह समझते हों।

पैलेंटिर टेक्नोलॉजीज एक अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी है, जिसकी सह-स्थापना एलेक्स कार्प ने 2003 में की थी। कंपनी ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित करती है जो सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों को बड़े पैमाने पर डेटा को जोड़ने और उसका विश्लेषण करने में मदद करते हैं।

पैलेंटिर खास तौर पर अमेरिकी रक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ काम करने के लिए जानी जाती है। इसके अलावा कंपनी मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों को भी सॉफ्टवेयर समाधान उपलब्ध कराती है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

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