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एसआरआईए कानून के संभावित प्रभावों को लेकर भारत ने अमेरिका के समक्ष रखा पक्ष

एसआरआईए कानून के संभावित प्रभावों को लेकर भारत ने अमेरिका के समक्ष रखा पक्ष
एसआरआईए कानून के संभावित प्रभावों को लेकर भारत ने अमेरिका के समक्ष रखा पक्ष

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने रूस और ईरान पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से जुड़े सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (एसआरआईए) को लेकर अपनी चिंताओं से अमेरिका के एक संसदीय (कांग्रेस) प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि भारत ने इस कानून के भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंता जताई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "रविवार को विदेश सचिव की कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक हुई थी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष, कांग्रेस सदस्य ब्रायन मास्ट कर रहे हैं। बैठक में द्विपक्षीय प्रकृति के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश सचिव ने एसआरआईए कानून के बारे में हमारी चिंताओं से अवगत कराया, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर इसके प्रभाव भी शामिल हैं।"

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष प्रतिनिधि ब्रायन मास्ट के नेतृत्व वाले द्विदलीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें हाल ही में लागू रूस और ईरान प्रतिबंध कानून (एसआरआईए) और संबंधों के भविष्य की दिशा सहित द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय ने कहा था, "चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें हाल ही में लागू एसआरआईए कानून और संबंधों की भविष्य की दिशा शामिल है। उन्होंने आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।"

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग, ट्रस्ट पहल और हिंद महासागर से जुड़े सहयोग पर चर्चा की। बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्ष भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिका के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग से मुलाकात की। दोनों पक्ष पैक्स सिलिका पहल सहित महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-अमेरिका सहयोग को और आगे बढ़ाने और सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के माध्यम से आपूर्ति शृंखला में मजबूती लाने पर सहमत हुए।"

--आईएएनएस

केके/वीसी

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