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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, यूरेनियम आयात का रास्ता खुला

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, यूरेनियम आयात का रास्ता खुला
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, यूरेनियम आयात का रास्ता खुला

मेलबर्न, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम का शांति उद्देश्यों के लिए भारत में आयात करने का रास्ता खुल गया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह अहम समझौता भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूत करेगा और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करेगा।

एनुअल लीडर्स समिट में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के साथ इस समझौते का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश ने न्यूक्लियर क्षेत्र में एक अहम समझौते को पूरा किया है।

पीएम मोदी ने कहा, "आज हमने न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में एक अहम समझौता किया है। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता खुलेगा और हमारे स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को नई मजबूती मिलेगी।"

संयुक्त बयान के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और भारत ने 'ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौता (2015)' के तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम के निर्यात के लिए जरूरी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।

यूरेनियम का निर्यात सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए होगा और यह इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा नियमों के दायरे में होगा।

इसके अलावा, दोनों देशों ने पश्चिम एशिया के हालात और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन व कमोडिटी की कीमतों पर इसके असर को लेकर चिंता जताई। साथ ही, उन्होंने खुले बाजार और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) आपूर्ति करने में ऑस्ट्रेलिया की अहम भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को लिक्विड फ्यूल व डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम प्रोडक्ट सप्लाई करने में भारत की अहम भूमिका को मानते हुए, दोनों पक्षों ने एनर्जी की सप्लाई को बिना रुकावट जारी रखने और दोनों देशों के बीच एनर्जी व्यापार व निवेश को बढ़ाने का संकल्प लिया।

इसके अलावा, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करके, ऊर्जा के क्षेत्र में बदलाव की गति बढ़ाकर, रिन्यूएबल एनर्जी और कम-कार्बन वाले ईंधन को बढ़ावा देकर और पूरी एनर्जी वैल्यू चेन में ज्यादा निवेश को प्रोत्साहित करके एनर्जी सप्लाई चेन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया, जीवंत लोकतंत्र और महत्वपूर्ण इंडो-पैसिफिक साझेदार होने के नाते, एक जैसी सोच और गहरे आपसी भरोसे को साझा करते हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

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