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भारत-रूस के बीच संसदीय सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा

भारत-रूस के बीच संसदीय सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा
भारत-रूस के बीच संसदीय सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को नई दिल्ली में रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन के नेतृत्व में आए रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, संसदीय सहयोग बढ़ाने, व्यापार को प्रोत्साहित करने तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा हुई।

यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 से इतर हुई। इस दौरान भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

उपराष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें दोनों देशों के पारस्परिक लाभ के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, संसदीय सहयोग बढ़ाने, व्यापार को प्रोत्साहित करने और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने पर विचार-विमर्श हुआ।

इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन और उनके प्रतिनिधिमंडल से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और संसदीय संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि उन्हें वोलोदीन और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ भारत और रूस के बीच संसदीय संपर्कों को गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की।

वहीं, सोमवार को नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए वोलोदीन ने कहा था कि ब्रिक्स देश प्रत्येक राष्ट्र के संप्रभु विकास पथ के अधिकार को मान्यता देने के मुद्दे पर एकजुट हैं।

उन्होंने कहा, “हम अलग-अलग राजनीतिक व्यवस्थाओं, आर्थिक मॉडलों और परंपराओं वाले देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन हम बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण, विभिन्न दृष्टिकोणों और राष्ट्रीय कानूनों के सम्मान तथा प्रत्येक देश के संप्रभु विकास पथ के अधिकार को मान्यता देने के लिए एकजुट हैं।”

वोलोदीन ने कहा कि अपने अस्तित्व के 20 वर्षों में ब्रिक्स उभरती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक बन गया है।

उन्होंने कहा, “ब्रिक्स के भीतर हमारे देशों के संबंध प्रभावी सहयोग का उदाहरण हैं, जहां संप्रभु राष्ट्र पारस्परिक लाभ की शर्तों पर काम करते हैं, अपनी अर्थव्यवस्थाओं का विकास करते हैं और अपने नागरिकों के कल्याण में सुधार करते हैं।”

वोलोदीन ने नई दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय मंच के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष वोलोदीन रविवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स संसदीय मंच से इतर विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

--आईएएनएस

डीएससी

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