ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, आईएमएफ प्रमुख की चेतावनी
वाशिंगटन, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) की प्रमुख ने कहा कि ईरान युद्ध ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। इसकी वजह से ऊर्जा की सप्लाई बाधित हो गई है और पूरी दुनिया में कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर आने वाले साल तक महसूस होता रहेगा।
आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सीबीएस न्यूज के एक इंटरव्यू में कहा कि इस रुकावट का पैमाना और अवधि ही इसके दीर्घकालिक परिणामों को निर्धारित करेगी। उन्होंने आगाह किया कि इसके प्रभाव पहले से ही व्यापक हैं।
उन्होंने कहा, “मैं आपको यह बता सकती हूं कि यह झटका बहुत बड़ा है। दुनिया का लगभग 13 प्रतिशत तेल और 20 प्रतिशत गैस, जो सामान्य रूप से सप्लाई होती, वह अब पिछले पांच हफ्तों से अटकी हुई है, जिससे सप्लाई की गंभीर स्थिति समझ आती है।''
उन्होंने कहा कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन हर देश पर अलग तरह से। हर कोई ऊर्जा का इस्तेमाल करता है। हर कोई बढ़ती कीमतों का असर महसूस कर रहा है और यह अलग-अलग देशों पर अलग तरीके से असर डालता है।
ऊर्जा पर निर्भर देश और संघर्ष के पास वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि कम आय वाले देशों पर इसका दबाव और भी ज्यादा है क्योंकि उनके पास संसाधन सीमित हैं।
जॉर्जीवा ने बताया कि इसका असर अब कई क्षेत्रों में दिखने लगा है जैसे ईंधन की कमी, खाद की सप्लाई में दिक्कत, ट्रांसपोर्ट और विदेश से आने वाले पैसों पर भी।
उन्होंने कहा कि लोग परेशान हैं, और कई जगहों पर सामान की भारी कमी हो रही है। जरूरी चीजें ही उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एशिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की राशनिंग और सप्लाई की कमी से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। साथ ही चेतावनी दी कि खाद की कीमतें बढ़ने से दुनिया भर में खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
आईएमएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि भले ही संघर्ष रुक जाए, फिर भी इसका असर तुरंत खत्म नहीं होगा। यह असर पहले ही सिस्टम में बैठ चुका है। देरी से हुई सप्लाई और बुनियादी ढांचे को नुकसान लंबे समय तक असर डालता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जरूरी ऊर्जा उत्पादन सुविधाओं को पूरी तरह ठीक होने में तीन से पांच साल तक लग सकते हैं।
उन्होंने अमेरिका के बारे में बात करते हुए कहा कि वहां असर बाकी दुनिया के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन बढ़ती कीमतें महंगाई को कंट्रोल करने की कोशिशों को मुश्किल बना सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आईएमएफ को उम्मीद थी कि 2026 में वैश्विक विकास बेहतर होगा, लेकिन अब इस युद्ध की वजह से यह अनुमान कम हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संघर्ष कितने समय तक चलता है और उत्पादन कितनी जल्दी ठीक होता है।
--आईएएनएस
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