राजस्थान में अवैध खनन को लेकर कार्रवाई तेज, 15 दिन में 90 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत राजस्थान में समन्वित कार्रवाई के माध्यम से प्रवर्तन को तेज किया गया है। इस क्रम में महज दो सप्ताह में, राज्य भर में 1,132 कार्रवाइयां की गईं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के खजाने में जुर्माने के रूप में 7.13 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा हुई।
खान एवं पेट्रोलियम के प्रधान सचिव टी रविकांत ने सोमवार को सचिवालय में खान निदेशक महावीर प्रसाद मीना और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक में चल रहे अभियान की समीक्षा की।
उन्होंने फील्ड अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, बार-बार औचक निरीक्षण करने और जब्त खनिजों की समय पर नीलामी के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा नहीं किया जाता है, तो जब्त वाहनों और मशीनरी की तत्काल जब्ती की औपचारिकताएं पूरी की जानी चाहिए।
सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महावीर प्रसाद मीना ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस में 264 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों ने अवैध रूप से खनन किए गए और स्टोर किए गए 61,800 टन से अधिक खनिज जब्त किए।
इसके अलावा, अवैध खनन में शामिल 55 उत्खनन यंत्र (जिनमें जेसीबी और पोक्लेन मशीनें शामिल हैं) और 983 वाहन (जैसे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली) जब्त किए गए।
भीलवाड़ा जिले में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई, जहां भीलवाड़ा और बिजोलिया के खनन इंजीनियरों ने संयुक्त रूप से 120 अभियान चलाए। इस दौरान 12 मशीनें और 120 वाहन जब्त किए गए और 54 एफआईआर दर्ज की गईं।
जयपुर में खनन इंजीनियर ने 85 कार्रवाई कीं, जिनमें दो उत्खनन यंत्र और 79 वाहन जब्त किए गए और साथ ही 86.17 लाख रुपए का सबसे अधिक जुर्मानेा भी वसूला की गया।
अजमेर में 83 अभियान चलाए गए, जिनमें 71 वाहन और मशीनें जब्त की गईं।
सबसे अधिक मात्रा में खनिज सवाई माधोपुर में जब्त किया गया, जो 38,893 टन था, जबकि नागौर में 41 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
--आईएएनएस
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