आई-पैक छापेमारी विवाद: ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होगी सुनवाई
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा कोलकाता स्थित आई-पैक के कार्यालय और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर की गई तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया था।
सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर प्रकाशित मामले की सूची के अनुसार, यह मामला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।
पिछले सप्ताह ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषाम मेहता ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से प्रस्तुत जवाबी हलफनामे पर प्रतिक्रिया दाखिल करने के लिए समय मांगा था, जिसके बाद सुनवाई स्थगति कर दी गई थी।
अनुरोध स्वीकार करते हुए, न्यायमूर्ति मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी।
अपनी याचिका में, ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संघीय एजेंसी के एक साथ चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान उन्होंने अपने कानूनी कर्तव्यों में बाधा डाली।
अपने जवाबी हलफनामे में, मुख्यमंत्री बनर्जी ने हस्तक्षेप और बाधा डालने के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि परिसर में उनकी सीमित उपस्थिति केवल उनकी तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) से संबंधित गोपनीय और मालिकाना डेटा प्राप्त करने के लिए थी।
हलफनामे के अनुसार, बनर्जी ने 8 जनवरी, 2026 को लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास और बिधाननगर स्थित आई-पैक के कार्यालय का दौरा किया था, जब उन्हें सूचना मिली थी कि तलाशी के दौरान तृणमूल के संवेदनशील राजनीतिक डेटा तक पहुंच बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह डेटा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एआईटीसी की रणनीति से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ था।
हलफनामे में कहा गया है कि परिसर में पहुंचने पर उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि उन्हें पार्टी का डेटा, उसमें संग्रहित उपकरण और उसकी प्रतियों वाली फाइलें निकालने की अनुमति दी जाए।
इसमें आगे दावा किया गया है कि वहां मौजूद प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने इस अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं जताई और उन्हें कुछ उपकरण और फाइलें निकालने की अनुमति दे दी।
--आईएएनएस
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