हैदराबाद मेट्रो-आरटीसी मासिक पास 8,500 से घटकर 4,000 रुपए, 8 नवंबर से संशोधित किराया होगा लागू
हैदराबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मेट्रो-आरटीसी मासिक कॉमन पास की कीमत 8,500 रुपए से घटाकर 4,000 रुपए कर दी है और डेली पास की कीमत 400 रुपए से घटाकर 275 रुपए कर दी है।
इसे जनता के लिए सरकार का दीपावली गिफ्ट बताते हुए परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने शुक्रवार को घोषणा की कि संशोधित किराया 8 नवंबर से लागू होगा।
संशोधित कीमत से यात्रियों को हर महीने 4,500 रुपए की बचत होगी। वहीं, डेली पास का इस्तेमाल करने वालों को 125 रुपए की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर लोगों पर यात्रा खर्च का बोझ कम करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों पर यात्रा खर्च का बोझ कम करने और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) और हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (एचएमआरएल) के संयुक्त यात्रा पास की कीमतों में काफी कमी करने का फैसला किया है।
पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि मौजूदा डेली कॉमन ट्रैवल पास की कीमत 400 रुपए से घटाकर 275 रुपए कर दी गई है। इसमें से 200 रुपए मेट्रो यात्रा के लिए और 75 रुपए आरटीसी यात्रा के लिए आवंटित हैं। यह पास एक दिन में अधिकतम चार सिंगल यात्रा की अनुमति देता है।
इसी तरह, मौजूदा मासिक कॉमन ट्रैवल पास की कीमत 8,500 रुपए से घटाकर 4,000 रुपए कर दी गई है। इसमें से 3,000 रुपए मेट्रो यात्रा के लिए और 1,000 रुपए आरटीसी यात्रा के लिए आवंटित हैं। यह पास एक महीने में अधिकतम 50 राउंड-ट्रिप की अनुमति देता है।
मंत्री ने कहा कि इस फैसले से आम नागरिकों को बहुत राहत मिलेगी।
पिछले महीने टीजीएसआरटीसी और एचएमआरएल ने दैनिक आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मेट्रो और बस सेवाओं के लिए कॉमन पास शुरू किया था। मासिक पास की कीमत 8,500 रुपए थी, जिसमें मेट्रो के लिए 7,000 रुपए और आरटीसी सेवाओं के लिए 1,500 रुपए आवंटित थे। एक दिन के कॉमन पास की कीमत 400 रुपए थी, जिसमें 300 रुपए एचएमआरएल को और 100 रुपए टीजीएसआरटीसी को जाते थे।
हालांकि, जनता की शिकायत थी कि कॉमन पास बहुत महंगा है। यात्रियों ने शुल्क को अवास्तविक बताया था और कहा था कि लंबी यात्रा वाले रूटों के लिए भी रोज टिकट खरीदने से यह ज्यादा महंगा पड़ेगा।
यात्रियों की मांग के बाद सरकार ने शुल्क की समीक्षा करने का फैसला किया था। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद परिवहन मंत्री ने शुल्क में कटौती का फैसला किया।
--आईएएनएस
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