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सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की आने वाली किताब का स्वागत किया लेकिन साथ ही यह शर्त भी रखी कि किताब में किए गए खुलासे साफ-साफ हों और सच्चाई को दर्शाते हों।

भाजपा नेता राम कदम ने किताब लॉन्च पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि कांग्रेस नेता अपनी किताब में सच लिखें, जैसे कि उस समय के प्रधानमंत्री एक कठपुतली की तरह काम करते थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2004-2014 के कार्यकाल का जिक्र किया।

वहीं कांग्रेस ने सोनिया गांधी की जिंदगी और करियर में सहे गए दर्द और देश को एकजुट रखने में उनके योगदान का जिक्र किया।

किताब के प्रकाशक ने घोषणा की है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की यादों पर आधारित किताब, 'बिनालॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' 10 नवंबर को प्रकाशित होगी।

खबरों के मुताबिक, यह किताब वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इटली के एक छोटे से शहर से भारतीय राजनीति में सत्ता के ऊंचे पद तक पहुंचने के सफर दिखाएगी। साथ ही, इसमें उस प्यार, दुख और राजनीतिक जिम्मेदारी का भी जिक्र है जिसने उनकी जिंदगी को आकार दिया।

भाजपा नेता राम कदम ने आईएएनएस से कहा, "मैं सोनिया गांधी को उनकी आने वाली किताब-जो एक आत्मकथा है, उनके लिए शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह इसमें सच भी लिखें कि उनके कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री एक कठपुतली की तरह काम करते थे और रिमोट कंट्रोल 10 जनपथ (सोनिया गांधी का घर) से चलता था। किताब में उस दौर में हुए भ्रष्टाचार का भी जिक्र होना चाहिए और यह भी कि कैसे लोगों की सेवा करने के बजाय अपनी तिजोरियां भरने की कोशिशें की गईं।

उन्होंने कहा, "हर कोई अच्छी बातें लिखता है, लेकिन अगर सोनिया गांधी सच लिखती हैं, तो निश्चित रूप से उसका स्वागत किया जाएगा।"

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पूरा देश और यहां तक कि दुनिया के कई लोग सोनिया गांधी की किताब का इंतजार कर रहे हैं।उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा कि क्योंकि यह सिर्फ एक किताब नहीं है, यह एक सफर है, ज़िंदगी का यात्रा-वृत्तांत है। यह एक ऐसा सफर है जिसमें सोनिया गांधी ने बहुत कुछ सहा। उन्होंने अपने परिवार के दो सदस्यों की शहादत सही, जिसमें उनके पति की शहादत भी शामिल थी और फिर भी वह लड़ती रहीं। राजनीति में मुश्किलों का सामना करने के बावजूद वह लड़ती रहीं। उन्होंने कहा कि देश को एकजुट रखने में उनके योगदान को कोई नहीं भूल सकता।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

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