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हिंदी दिवस पर मुंबई में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे अमित शाह

हिंदी दिवस पर मुंबई में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे अमित शाह
हिंदी दिवस पर मुंबई में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे अमित शाह

मुंबई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को मुंबई में आयोजित होने वाले हिंदी दिवस 2026 तथा छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग वर्ष 2021 से हर साल अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन करा रहा है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह आयोजन महाराष्ट्र की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपराओं के साथ हिंदी के जीवंत संबंध को उजागर करेगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, कई सांसद, विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथि, विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद तथा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2021 से हर साल अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा सूरत, पुणे, नई दिल्ली और गांधीनगर से होते हुए इस वर्ष महाराष्ट्र के नवी मुंबई पहुंची है।

दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा वर्ष 2025-26 के 'राजभाषा गौरव पुरस्कार' और 'राजभाषा कीर्ति पुरस्कार' प्रदान किए जाएंगे।

इन पुरस्कारों के जरिए उन संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है और उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उद्घाटन सत्र तथा अन्य सत्रों के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों और प्रकाशनों का भी लोकार्पण किया जाएगा। इनमें राजभाषा विभाग की पत्रिका 'राजभाषा भारती' का 'वंदे मातरम्' विषय पर आधारित विशेष स्मारक अंक, 'भारतीय ज्ञान तंत्र: स्रोत और स्वरूप', 'शिव अनादि हैं, अनंत हैं' तथा जेल के कैदियों की रचनाओं के संकलन 'अंधेरों से उजालों तक' शामिल हैं।

इस वर्ष के सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण 'वंदे मातरम' पर केंद्रित विशेष चर्चा सत्र होगा।

कार्यक्रम में जॉयदीप चट्टोपाध्याय भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वह 'वंदे मातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी के वंशज हैं।

सम्मेलन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (टोलिक/नराकास) की भूमिका पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।

नराकास एक सशक्त इकाई है, जो जमीनी स्तर पर राजभाषा हिंदी के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने का कार्य करती है।

बयान में कहा गया है कि सम्मेलन स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न संस्थानों, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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