गुजरात: गृह मंत्री अमित शाह ने 815 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
गांधीनगर, 21 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर और साबरकांठा जिलों में 815 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, जल संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई काम शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान साबरमती नदी पर बने 89 करोड़ रुपए की लागत वाले अलुवा-सदरा पुल और चराडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया। साथ ही साबरमती नदी पर बनने वाले दो बैराजों की आधारशिला रखी गई, जिनकी कुल लागत 716.14 करोड़ रुपए है।
वर्चुअल संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात में शुरू हुआ विकास का सिलसिला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मानसा और प्रांतिज विधानसभा क्षेत्रों में करीब 817 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित की गई हैं।
अमित शाह ने कहा कि अलुवा-सदरा पुल बनने से स्थानीय लोगों, छात्रों और श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। इससे जक्षिणी माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि चराडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे डायलिसिस सुविधा, ऑपरेशन थिएटर, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई और अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आसपास के एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
अमित शाह ने मानसा के रणियापुर में सामुदायिक भवन, अलकापुरी में ऊंचे जलाशय (ईएसआर) और बापुपुरा गांव में संस्कार भवन ट्रस्ट की नई इमारत का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने पद्मश्री और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार रघुवीर चौधरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि किसान परिवार से आने के बावजूद उन्होंने हमेशा सादगीपूर्ण जीवन जिया। उनके नाम पर बना संस्कार भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि साबरमती नदी पर बनने वाले दो नए बैराजों से चराडा, मानसा, रिद्रोल सहित आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की समस्या का लंबे समय तक समाधान होगा। इन बैराजों में नदी का पानी लगभग आठ महीने तक संग्रहित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से भूजल स्तर 5 से 10 फीट तक बढ़ने की संभावना है, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलेगा। साथ ही पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मानसा क्षेत्र में एक आधुनिक सिविल अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को सबसे प्रभावी ढंग से लागू करने वाले राज्यों में शामिल है। पिछले 12 वर्षों में राज्य ने बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि विकास केवल इमारतें बनाने का नाम नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि लाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सड़कें बनती हैं वहां रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, जहां स्वास्थ्य केंद्र बनते हैं वहां लोगों की सुरक्षा मजबूत होती है और जहां शिक्षा का विस्तार होता है वहां भविष्य अधिक उज्ज्वल बनता है।
राज्य के स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा कि 1.50 करोड़ रुपए की लागत से नए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा सुनने और बोलने में दिक्कत वाले बच्चों के लिए 8 से 10 लाख रुपए तक की लागत वाली कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी अब सिविल अस्पतालों में मुफ्त की जा रही है।
जल संसाधन मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने बताया कि गुजरात सरकार साबरमती नदी के पुनर्जीवन के लिए धरोई बांध से खंभात की खाड़ी तक कई नए बैराज बना रही है।
उन्होंने कहा कि 413.63 करोड़ रुपए की लागत वाले हीरक बैराज और 302.51 करोड़ रुपए की लागत वाले राखियाल बैराज की आधारशिला रखी गई है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 716.14 करोड़ रुपए है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर गुजरात में जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता में सुधार होगा।
--आईएएनएस
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