Samachar Nama
×

विधानसभा सत्र के बीच पूछताछ राजनीतिक प्रतिशोध: सुधीर शर्मा

विधानसभा सत्र के बीच पूछताछ राजनीतिक प्रतिशोध: सुधीर शर्मा
विधानसभा सत्र के बीच पूछताछ राजनीतिक प्रतिशोध: सुधीर शर्मा

शिमला, 21 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा से आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में शुक्रवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूछताछ की। पूछताछ के बाद शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों को निशाना बनाने और "राजनीतिक प्रतिशोध" की राजनीति करने का आरोप लगाया।

सुधीर शर्मा ने मीडिया से कहा कि वह कानून का पूरा सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सतर्कता विभाग ने जहां-जहां जानकारी मांगी, वहां सभी जरूरी तथ्य और दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं और जांच एजेंसी के हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं। जो भी तथ्य हैं, वे अंततः हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने आएंगे। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और मैं जांच में पूरा सहयोग करता रहूंगा।"

भाजपा विधायक ने पूछताछ के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधानसभा का सत्र चल रहा है, तब विपक्ष के विधायक को इस तरह तलब करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विधानसभा में विपक्ष द्वारा जनहित के मुद्दे उठाए जाने से घबराकर विपक्षी विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

शर्मा ने कहा, "चलते हुए विधानसभा सत्र के दौरान किसी विधायक को इस तरह बुलाना अभूतपूर्व है। मौजूदा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने पर आमादा दिखाई देती है, लेकिन यह रवैया ज्यादा दिन नहीं चल सकता।"

जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मामला धर्मशाला से जुड़ा है और उससे संबंधित सभी रिकॉर्ड भी वहीं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, "जब मामला धर्मशाला का है और दस्तावेज वहीं हैं, तो मुझे शिमला स्थित सतर्कता मुख्यालय क्यों बुलाया गया? इतनी जल्दबाजी की क्या जरूरत थी? हर जांच की एक प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है, जिसका पालन होना चाहिए।"

गौरतलब है कि सुधीर शर्मा उन छह कांग्रेस विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 2024 के राज्यसभा चुनाव में तीन निर्दलीय विधायकों के साथ भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और उपचुनाव लड़ा। नौ सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने छह और भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story