हिमाचल प्रदेश के सीएम ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा, कल्याणकारी उपायों की घोषणा की
मंडी, 26 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उसके 'डबल इंजन' मॉडल ने राज्य को कर्ज के जाल में धकेल दिया और संसाधनों के दुरुपयोग का कारण बना।
मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के माध्यम से लगभग 60,000 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, लेकिन इन निधियों का उचित उपयोग नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि लगभग 45 महीने पहले कांग्रेस सरकार सत्ता में आई और एक साधारण परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया। अपनी पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। सुक्खू के अनुसार, इस निर्णय के कारण केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को लगभग 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता रोक दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार को प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक चुनौतियों दोनों का सामना करना पड़ा है। आपदा के दौरान, राज्य ने अपने संसाधनों का उपयोग करके लगभग 23,000 क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण किया। उन्होंने आगे कहा कि जनता के सहयोग और राज्य के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से कांग्रेस विधायकों की संख्या फिर से 40 तक पहुंच गई है।
सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और लोगों को उनके हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वित्तीय लाभों के साथ-साथ अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डाला।
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का जिक्र करते हुए सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राज्य के हितों की रक्षा की है। उन्होंने उत्तराखंड की स्थिति का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार के तहत लोगों पर 3,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए 3,000 करोड़ रुपए की लागत बचाई गई है और यह परियोजना भविष्य में प्रति वर्ष 1,200 करोड़ रुपए से 1,500 करोड़ रुपए का राजस्व उत्पन्न कर सकती है।
सुक्खू ने दुग्ध क्षेत्र के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान दूध 32 रुपए प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने गाय के दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 61 रुपए प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें और वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना के लिए पात्रता मानदंडों में बदलाव की घोषणा की। मनरेगा के तहत एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त को हटा दिया जाएगा और पारिवारिक आय की सीमा 50,000 रुपए से बढ़ाकर 75,000 रुपए कर दी जाएगी। सुक्खू ने यह भी घोषणा की कि 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए की मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी।
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