Samachar Nama
×

अमेरिका का बड़ा दावा, ट्रंप की हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड ढेर

न्यूयॉर्क, 4 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड को मारने का दावा किया है। अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की असफल साजिशों के मास्टरमाइंड को ढूंढकर मार दिया गया है। वहीं, एक पाकिस्तानी व्यक्ति पर साजिशों में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है।
अमेरिका का बड़ा दावा, ट्रंप की हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड ढेर

न्यूयॉर्क, 4 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड को मारने का दावा किया है। अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की असफल साजिशों के मास्टरमाइंड को ढूंढकर मार दिया गया है। वहीं, एक पाकिस्तानी व्यक्ति पर साजिशों में शामिल होने के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है।

वॉशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने कहा, “कल उस यूनिट के नेता को, जिसने राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या का प्रयास किया था, ढूंढकर मार गिराया गया।” हालांकि उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की उस यूनिट के नेता का नाम नहीं बताया।

हेगसेथ ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरकार बदला ले लिया।”

पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट का मुकदमा न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित संघीय अदालत में पहले से निर्धारित था, जो ईरान युद्ध शुरू होने से काफी पहले तय किया गया था।

मुकदमे की सुनवाई कर रहे जज एरिक कोमिटी ने संयोग पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह मुकदमा दिलचस्प समय में हो रहा है।”

आसिफ पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं। उस पर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप पर हमला करने के लिए शूटरों को किराए पर रखने की कथित साजिश में ईरान के साथ काम करने का आरोप है।

मामले की अभियोजक नीना गुप्ता ने सोमवार को अदालत को बताया कि मर्चेंट ने ऑपरेशन के लिए कपड़ों के व्यवसाय को आड़ के रूप में इस्तेमाल किया और वह उन लोगों पर हमला करना चाहता था, जिन्हें वह पाकिस्तान और मुस्लिम दुनिया के खिलाफ मानता था।

आसिफ को जुलाई 2024 में अमेरिका छोड़ने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था।

इस कथित साजिश से असंबंधित रूप से, मर्चेंट की गिरफ्तारी के एक दिन बाद, पेनसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान एक अमेरिकी व्यक्ति ने ट्रंप की हत्या की कोशिश की, लेकिन गोली कुछ इंच से चूक गई और केवल उनके कान को चोट पहुंची।

चुनाव अभियान के दौरान बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप के लिए संभावित खतरों को लेकर चेतावनी जारी की थी।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि मर्चेंट ने अपने संपर्क में रहे एक पाकिस्तानी व्यक्ति से शूटरों को किराए पर लेने की बात की थी, जो फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) का मुखबिर निकला।

उस व्यक्ति ने उसे ऐसे अंडरकवर एजेंटों से मिलवाया, जो खुद को किराए के शूटर बताकर पेश कर रहे थे। आसिफ ने उन्हें अपनी योजना बताई और अग्रिम के तौर पर पांच हजार डॉलर भी दिए।

एफबीआई एजेंट जैकलीन स्मिथ ने अदालत को बताया कि आसिफ ने स्वीकार किया था कि उसे आईआरजीसी से प्रशिक्षण मिला था।

अधिकारियों के अनुसार, वह पाकिस्तान के रास्ते भेजे गए उपहार पैकेजों में जानकारी छिपाकर उनसे संपर्क करता था।

2024 में ट्रंप के खिलाफ एक और कथित साजिश भी सामने आई थी।

उस वर्ष दायर एक अलग मामले में अभियोजकों ने अफगान नागरिक फरहाद शकेरी पर हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप लगाया था। उस पर अनुपस्थिति में आरोप तय किए गए, क्योंकि वह अमेरिका से बाहर था।

आईआरजीसी ने ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में अपने शीर्ष नेता कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की कसम खाई थी।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

Share this story

Tags