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पश्चिम बंगालः तृणमूल पार्षद संजय दास का शव उनके आवास पर लटका हुआ मिला

कोलकाता, 23 मई (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले के दक्षिण दमदम नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पार्षद का शव शनिवार तड़के कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके नागेरबाजार स्थित उनके आवास से रहस्यमय परिस्थितियों में बरामद किया गया।
पश्चिम बंगालः तृणमूल पार्षद संजय दास का शव उनके आवास पर लटका हुआ मिला

कोलकाता, 23 मई (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले के दक्षिण दमदम नगरपालिका के वार्ड नंबर 18 से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पार्षद का शव शनिवार तड़के कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके नागेरबाजार स्थित उनके आवास से रहस्यमय परिस्थितियों में बरामद किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। दास के बेडरूम से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जहां उनका शव फंदे से लटका मिला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दास, राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक और प्रसिद्ध भक्ति गायिका अदिति मुंशी तथा उनके पति देबराज चक्रवर्ती के करीबी थे। देबराज चक्रवर्ती स्वयं बिधाननगर नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं। मुंशी इस बार राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गई थीं।

पड़ोसियों ने यह भी बताया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से दास काफी उदास थे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के एक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में देबराज चक्रवर्ती को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की हालिया घटना ने दिवंगत तृणमूल कांग्रेस पार्षद को और अधिक चिंतित कर दिया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि संभवतः दास ने अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण यह चरम कदम उठाया।

इससे पहले शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में मुंशी और उनके पति चक्रवर्ती को गिरफ्तारी सहित पुलिस की किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई से 19 जून तक अंतरिम राहत प्रदान की।

न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक मुंशी और उनके पति के खिलाफ आरोपों से जुड़े सभी सबूत अदालत में पेश करने का निर्देश भी दिया। साथ ही, राज्य पुलिस को उसी तारीख तक जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

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