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अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर हमला, सीईसी के इस्तीफे और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग

अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर हमला, सीईसी के इस्तीफे और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग
अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर हमला, सीईसी के इस्तीफे और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग

जयपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में दखल देने का आग्रह किया है।

भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) के दौरान लिए गए फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किए, साथ ही कोर्ट ने सीईसी को निलंबित करने का कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद वह मामले की जांच करेगा।

गहलोत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वसनीयता हासिल की है, और दूसरे देश चुनाव कराने में उसका मार्गदर्शन और सहयोग लेते रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग के कामकाज ने उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि ऐसी चिंताएं पहले भी उठाई गई थीं, लेकिन उन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के विपक्ष से बात करने के तरीके की भी आलोचना की और कहा कि देश की चुनाव संस्था के प्रमुख को सभी राजनीतिक दलों का सम्मान करना चाहिए।

गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही ने चुनाव आयोग के कामकाज पर उठ रहे सवालों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कोर्ट की इस बात का जिक्र किया कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाने चाहिए, और कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि उसने फॉर्म 6 के किसी बदले हुए वर्शन को मंजूरी नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि इन हालात को देखते हुए अब बस उनके इस्तीफे की ही गुंजाइश बची है।

गहलोत ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में दखल क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए ताकि विवाद खत्म हो सके और सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दे सकें।

--आईएएनएस

एमएस/

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