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गुजरात : घर लौटने में मदद मांगने के बाद यूपी के प्रवासी मजदूर का शव फंदे से लटका मिला

गुजरात : घर लौटने में मदद मांगने के बाद यूपी के प्रवासी मजदूर का शव फंदे से लटका मिला
गुजरात : घर लौटने में मदद मांगने के बाद यूपी के प्रवासी मजदूर का शव फंदे से लटका मिला

अहमदाबाद, 15 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश स्थित अपने घर न लौट पाने के कारण मदद मांगने के लिए अहमदाबाद के असरवा रेलवे स्टेशन पर पुलिस के पास पहुंचे 39 वर्षीय प्रवासी मजदूर को मंगलवार सुबह शहरकोटडा पुलिस स्टेशन के इलेक्ट्रिक रूम में फंदे से लटका पाया गया। उसे कुछ घंटे पहले ही स्टेशन लाया गया था।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले राजू जाटव नाम के व्यक्ति ने सोमवार को सुबह करीब 3:48 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया था।

अधिकारियों ने बताया, "एक व्यक्ति को परेशान किए जाने की सूचना मिलने के बाद शहरकोटडा पुलिस स्टेशन से पीसीआर-35 वैन को उस जगह भेजा गया।"

पुलिस ने बताया कि जाटव ने पीसीआर कर्मियों को बताया कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया था, लेकिन वह इस मामले के बारे में साफ-साफ कुछ नहीं बता पाया।

इसके बाद उसे उसकी इच्छा पर पुलिस स्टेशन लाया गया। पूछताछ के दौरान, जाटव ने बताया कि वह जामनगर के मोती खावड़ी में मजदूर के तौर पर काम कर रहा था। वह उत्तर प्रदेश में अपने घर लौटने के लिए निकला था और पुलिस से संपर्क करने से पहले असरवा रेलवे स्टेशन पर उतरा था।

पुलिस ने बताया कि जाटव काफी तनाव में लग रहा था। उसे समझाया गया और मोबाइल फोन पर अपने किसी रिश्तेदार से बात करने की इजाजत दी गई। बातचीत के दौरान, उसने कहा कि उसे उत्तर प्रदेश जाने के लिए पैसों की जरूरत है और उसके रिश्तेदार ने बताया कि सुबह पैसे ऑनलाइन भेज दिए जाएंगे।

बारिश हो रही थी और उस समय जाटव के पास रहने की कोई जगह नहीं थी, इसलिए उसने पुलिस से कहा कि वह पैसे आने तक स्टेशन पर ही रहना चाहता है और फिर सुबह की ट्रेन से घर जाना चाहता है।

उसे वेटिंग एरिया में बिठाया गया। पुलिस ने बताया कि उसने अपनी परेशानी का कोई खास कारण नहीं बताया और कहा कि वह उस समय कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहता था। इसके बाद स्टेशन डायरी में इसकी एंट्री की गई।

डीसीपी (जोन-3) रूपल सोलंकी ने आईएएनएस को बताया कि जाटव पुलिस की कस्टडी में नहीं था और उसे किसी अपराध के सिलसिले में हिरासत में नहीं लिया गया था। वह थोड़ा परेशान भी था। हम उसे पुलिस स्टेशन लाए, क्योंकि वह किसी बात पर प्रतिक्रिया देना चाहता था, उसे कोई समस्या थी।

उन्होंने बताया कि जाटव ने पुलिस से कहा था कि वह उत्तर प्रदेश जाना चाहता है और उसने परिवार से संपर्क किया था, जिन्होंने उसे भरोसा दिलाया था कि सुबह पैसे भेज दिए जाएंगे। उसने पुलिस से अनुरोध किया कि उसे सुबह तक वहीं रहने दिया जाए। इसलिए वह नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गया और सो गया।

पुलिस ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी की शिफ्ट खत्म होने के बाद सुबह करीब 8:30 बजे इलेक्ट्रिक रूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला।

दरवाजा खोलने की कोशिशों और बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने थोड़ी खुली खिड़की से झांका तो जाटव को पंखे से लटका हुआ पाया।

सोलंकी ने बताया कि उसने खुद को फांसी लगाने के लिए अपनी ही पैंट का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने शहरकोटडा पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 194 के तहत आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है।

सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जांच पंचनामा किया गया, जबकि डॉक्टरों की एक टीम ने वीडियोग्राफी के साथ फोरेंसिक पोस्टमार्टम किया।

पुलिस अभी तक जाटव की परेशानी का कारण पता नहीं लगा पाई है। उसके भाई के दिल्ली से आने की उम्मीद है, जिसके बाद जांचकर्ताओं को उसके हालात के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने यह भी कहा कि वे अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि जाटव जामनगर में असल में क्या काम कर रहा था।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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