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गुजरात: सूरत मेट्रो के इस रूट पर ट्रायल रन शुरू, 8.5 किमी वायाडक्ट का काम पूरा

सूरत, 29 मार्च (आईएएनएस)। सूरत मेट्रो रेल परियोजना के एक अहम हिस्से पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ड्रीम सिटी से अलथान टेनामेंट के बीच 8.5 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण पूरा होने के बाद यह परीक्षण शुरू किया गया है।
गुजरात: सूरत मेट्रो के इस रूट पर ट्रायल रन शुरू, 8.5 किमी वायाडक्ट का काम पूरा

सूरत, 29 मार्च (आईएएनएस)। सूरत मेट्रो रेल परियोजना के एक अहम हिस्से पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ड्रीम सिटी से अलथान टेनामेंट के बीच 8.5 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण पूरा होने के बाद यह परीक्षण शुरू किया गया है।

गुजरात मेट्रो रेल निगम (जीएमआरसी) के अनुसार, इस रूट पर एलिवेटेड सेक्शन का काम पूरा हो चुका है और अब मेट्रो संचालन की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है।

ट्रायल फेज के तहत करीब 500 घंटे तक मेट्रो ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, ताकि सिस्टम की परफॉर्मेंस, विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा सके। इसके बाद ही यात्री सेवाएं शुरू की जाएंगी।

यह उपलब्धि सूरत मेट्रो परियोजना की प्रगति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य शहर के शहरी परिवहन ढांचे को मजबूत करना है।

यह परियोजना मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने और मेट्रो को बिजली आपूर्ति देने वाली ‘थर्ड रेल’ लगाने का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, इस रूट के सभी सात स्टेशनों के सिविल निर्माण कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं।

फिलहाल स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स, इंटीरियर और फिनिशिंग से जुड़े काम जारी हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आम लोगों के लिए सेवा शुरू करने से पहले इस कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) द्वारा किया जाएगा।

इन जांचों में तकनीकी सिस्टम, संचालन की तैयारियों और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद ही मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी।

सूरत मेट्रो परियोजना शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने और बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके शुरू होने के बाद यातायात का दबाव कम होने और लोगों को तेज व सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

डीएससी

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