गुजरात सरकार कैप्टन स्मित मच्छार को देगी ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’, 25 लाख रुपये का इनाम
गांधीनगर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को यह घोषणा की। राज्य सरकार ने उनके लिए 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार का भी ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि कॉकपिट के भीतर हमले में गंभीर रूप से घायल होने और खून बहने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस का परिचय दिया और विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पटेल ने कहा कि दुनिया कैप्टन मच्छार के साहस को सलाम कर रही है। उन्होंने उनके कदम को बेहद प्रेरणादायक और प्रशंसनीय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजराती मूल के कैप्टन मच्छार ने अपनी बहादुरी से गुजरात और देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा, “उनकी असाधारण बहादुरी और मानवता के इस कार्य के सम्मान में गुजरात सरकार कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूरा गुजरात उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस दिखाया और 174 लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा कि गुजरात को अपने इस “बहादुर बेटे” पर गर्व है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि राज्य सरकार ने कैप्टन मच्छार के साहसिक कदम के सम्मान में 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की है।
यह घोषणा फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को हुई एक घटना के एक दिन बाद की गई है। बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया।
घटना के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर गया। इसके बाद विमान का रुख मोड़कर सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद दो यात्रियों ने विमान का नियंत्रण संभालने में सहायता की और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया।
इस घटना के बाद कैप्टन मच्छार के साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने उनके साहस की प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कैप्टन मच्छार के परिवार से भी बात की और उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस से बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली।
कैप्टन मच्छार को वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में 13 साल से अधिक का अनुभव है और उनके नाम करीब 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के तौर पर काम शुरू किया था। इससे पहले वह 11 साल से अधिक समय तक स्पाइसजेट के साथ जुड़े रहे, जहां उन्होंने कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में सेवाएं दीं।
घटना के बाद कैप्टन मच्छार का सऊदी अरब में इलाज चल रहा है। कॉकपिट में हमले की परिस्थितियों और सह-पायलट के कथित हमले के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। फ्लाईदुबई ने भी फ्लाइट डेक में विवाद होने की पुष्टि की है और मामले की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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