गुजरात: 2017 के बाद सातवीं बार भरा सरदार सरोवर बांध, जलस्तर 138.68 मीटर पहुंचा
गांधीनगर, 30 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात का सरदार सरोवर नर्मदा बांध बुधवार को अपने पूर्ण जलाशय स्तर 138.68 मीटर (455 फीट) तक पहुंच गया। वर्ष 2017 के बाद यह सातवीं बार है, जब जलाशय अपने अधिकतम स्तर तक पहुंचा है। इससे गर्मी के मौसम से पहले गुजरात के लिए पानी का बड़ा भंडार उपलब्ध हो गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एकता नगर स्थित बांध का दौरा किया। जलाशय के पूर्ण स्तर तक पहुंचने पर उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच नर्मदा जल का जल पूजन किया।
लगातार पानी की आवक के बाद बांध का जलस्तर 138.68 मीटर तक पहुंचा। इस स्तर पर बांध की कुल जल भंडारण क्षमता 9,460 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2017 को सरदार सरोवर बांध को राष्ट्र को समर्पित किया था। इसके बाद बांध 2019, 2020, 2022, 2023, 2024, 2025 और 2026 में अधिकतम जलस्तर तक पहुंच चुका है।
सरदार सरोवर परियोजना से वर्तमान में गुजरात के 10,453 गांवों, 191 शहरों और सात नगर निगमों में चार करोड़ से अधिक लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इस साल नर्मदा बेसिन में मिले कुल पानी के आधार पर गुजरात के पास फिलहाल करीब 7.9 मिलियन एकड़-फीट पानी उपलब्ध है, जबकि सामान्य वर्ष में राज्य का आवंटन 9 मिलियन एकड़-फीट है।
उन्होंने उपलब्ध पानी का सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का किफायती इस्तेमाल करना और हर बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार के मुताबिक, मौजूदा मानसून के दौरान सुजलाम-सुफलाम और सौनी योजना के जरिए उत्तर गुजरात के साथ सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में भी पानी पहुंचाया गया।
सुजलाम-सुफलाम योजना के तहत मौजूदा जल वर्ष में 201 एमसीएम यानी 7,118 मिलियन क्यूबिक फीट पानी की आपूर्ति की गई। इससे गुजरात के 1,028 तालाबों को भरा गया।
वहीं, सौनी योजना के तहत 288 एमसीएम यानी 10,189 मिलियन एकड़-फीट पानी की आपूर्ति की गई। इसके जरिए 167 तालाब, 1,014 चेक डैम और 45 बांध भरे गए।
उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति की गई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लगातार तीसरे साल सरदार सरोवर बांध पर जल पूजन किया और जलाशय के पूर्ण स्तर तक भरने पर पूजा-अर्चना की।
राज्य सरकार ने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के 17 दिनों के भीतर नर्मदा बांध के बाकी काम को पूरा करने और उसके गेट लगाने की मंजूरी दी थी।
इस अवसर पर जलापूर्ति राज्य मंत्री ईश्वरसिंह पटेल, मुख्य सचिव एम.के. दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष अंजनाबेन वसावा, लोकसभा सांसद मनसुख वसावा, राज्यसभा सदस्य मुकेश राठवा, नांदोद विधायक दर्शना देशमुख, पूर्व मंत्री शब्दशरण तड़वी, सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश पुरी, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सीईओ अमित अरोड़ा और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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