गुजरात: ढाई महीने में 40 हजार नए पीएनजी कनेक्शन, सीएम ने की बैठक
गांधीनगर/मोरबी, 20 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने बुधवार को कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच निर्बाध गैस आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों के तहत राज्य में ढाई महीने के भीतर 40,000 नए घरेलू पीएनजी (डी-पीएनजी) गैस कनेक्शन और 13,000 पुन: कनेक्शन दिए गए।
इसकी समीक्षा गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में की गई।
सरकारी प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि बैठक में गुजरात में वाणिज्यिक और पीएनजी गैस की उपलब्धता तथा नए कनेक्शनों की स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद वाघाणी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गुजरात एनर्जी लिमिटेड (जीईएल) ने वैश्विक संकट के बावजूद आम नागरिकों को घरेलू उपयोग के लिए डी-पीएनजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेजी से घरेलू गैस नेटवर्क का विस्तार किया।
उन्होंने कहा, “1 मार्च से अब तक जीईएल ने 40,000 नए डी-पीएनजी गैस कनेक्शन दिए हैं और 13,000 कनेक्शन बहाल किए हैं। इसी अवधि में कंपनी ने 500 नए वाणिज्यिक गैस कनेक्शन भी जारी किए।”
वाघाणी ने राज्यव्यापी स्थिति पर बात करते हुए कहा कि गुजरात में कार्यरत सभी सिटी गैस वितरण कंपनियों, जिनमें जीईएल भी शामिल है, ने मिलकर लगभग 85,000 डी-पीएनजी कनेक्शन और 1,100 वाणिज्यिक कनेक्शन दिए हैं।
मंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने अस्पतालों, छात्रावासों, स्कूलों, कॉलेजों और फैक्ट्री कैंटीन जैसी आम जनता से जुड़ी संस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस कनेक्शन दिए हैं।”
उन्होंने बताया कि केवल जीईएल ने ऐसे 110 प्राथमिकता वाले कनेक्शन दिए, जबकि राज्य की अन्य कंपनियों ने 225 और कनेक्शन जारी किए।
वाघाणी ने कहा कि सरकार ने मोरबी के सिरेमिक उद्योग की स्थिति की भी समीक्षा की, जिसे इस वर्ष की शुरुआत में कच्चे माल और परिवहन लागत में वृद्धि के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
मंत्री के अनुसार, मार्च के दूसरे पखवाड़े में कई फैक्ट्री मालिकों ने स्वेच्छा से उत्पादन बंद कर दिया था, जिसके चलते 31 मार्च तक मोरबी में चालू फैक्ट्रियों की संख्या घटकर 83 रह गई थी।
मोरबी के सिरेमिक उद्योग को 'पूरे देश का गौरव' बताते हुए वाघाणी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों को बहाल करने के लिए त्वरित फैसले लिए।
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व के देशों में युद्ध जैसे हालात के बावजूद मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जीईएल ने गैस वितरण की उचित योजना बनाई।”
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जीईएल के प्रयासों से मोरबी में औद्योगिक गतिविधियां कम समय में फिर से शुरू हो सकीं।
उन्होंने कहा, “सिर्फ डेढ़ महीने में मोरबी की 670 से अधिक फैक्ट्रियां दोबारा चालू हो गई हैं।”
वर्तमान में मोरबी की लगभग 865 औद्योगिक इकाइयां जीईएल की गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं।
वाघाणी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जीईएल ने केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार मध्य पूर्व के बाहर के बाजारों से प्राकृतिक गैस की खरीद की।
उन्होंने दावा किया कि जीईएल ने मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के साथ बैठकें भी कीं और औद्योगिक इकाइयों को आश्वस्त किया कि मई महीने में गैस की कीमतें स्थिर रहेंगी। मंत्री ने कहा, “इसी के परिणामस्वरूप मोरबी की औद्योगिक इकाइयां फिर से सक्रिय और संचालित हो गई हैं।”
--आईएएनएस
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