गुजरात पुलिस ने मुहर्रम के जुलूसों के लिए संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाई
गांधीनगर, 23 जून (आईएएनएस)। मुहर्रम के त्योहार को देखते हुए राज्य में चिन्हित 919 संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी, जोखिम का आकलन और सुरक्षा बलों की समन्वित तैनाती के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को पुलिस भवन में डीजीपी जी.एस. मलिक की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें मुहर्रम के जुलूस और ताजिया रूट से पहले कानून-व्यवस्था के इंतजामों की समीक्षा की गई।
इस मीटिंग में सभी पुलिस कमिश्नर, रेंज हेड और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) वर्चुअल तरीके से शामिल हुए।
अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, खासकर उन इलाकों में जिनकी पहचान ताजिया जुलूस के दौरान खास निगरानी के लिए की गई है।
पुलिस यूनिट्स को उन इलाकों में रिस्क असेसमेंट (जोखिम का आकलन) करने का निर्देश दिया गया है जहां पिछले पांच सालों में मुहर्रम के दौरान कोई घटना हुई थी, ताकि बचाव वाले पुलिसिंग उपायों को मजबूत किया जा सके।
पुलिस प्रमुख ने सभी शहर, जिला, रेंज और यूनिट प्रमुखों को ज्यादा से ज्यादा तकनीकी मदद का इस्तेमाल करके सुरक्षा तैनाती की व्यापक योजनाएँ तैयार करने का निर्देश दिया।
इनमें जुलूस के रास्तों और लोगों के इकट्ठा होने वाली जगहों पर तालमेल के साथ सुरक्षा इंतज़ाम (बंदोबस्त) शामिल हैं, ताकि रियल-टाइम निगरानी और तेजी से कार्रवाई की क्षमता सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा इंतजामों के तहत, पूरे राज्य में एसआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनियां और प्लाटून तैनात की गई हैं।
तैनाती से पहले फील्ड कर्मियों को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों, इलाके की खास संवेदनशीलता और इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल के बारे में पहले से जानकारी दी जा रही है।
जमीनी स्तर पर मौजूदगी मज़बूत करने के लिए, संवेदनशील इलाकों में सघन पैदल गश्त के लिए 8 से 10 पुलिस कर्मियों की टीमें तैनात की गई हैं।
अधिकारियों ने जोर दिया है कि इन इलाकों में पुलिस की मौजूदगी दिखाने का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकना है।
तकनीकी निगरानी को काफी बढ़ाया गया है, जिसमें बड़ी भीड़ और जुलूस के रास्तों की निगरानी के लिए ड्रोन, सीसीटीवी सिस्टम और बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को भी बॉडी-वर्न कैमरे पहनने का निर्देश दिया गया है ताकि जवाबदेही और घटनाओं की रियल-टाइम रिकॉर्डिंग सुनिश्चित की जा सके।
भौतिक सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी के आदेश दिए गए हैं ताकि अफवाहें, गलत जानकारी या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाला कंटेंट फैलाने की कोशिश करने वाले लोगों या समूहों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जुलूस के दौरान लोगों की आवाजाही में कम से कम रुकावट हो, इसके लिए ट्रैफिक रेगुलेशन और भीड़ प्रबंधन की योजनाएं भी बनाई गई हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इन सभी इंतजामों का मकसद मुहर्रम के दौरान संवेदनशील और ज्यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जिसमें फील्ड यूनिट्स और सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम के बीच तालमेल बिठाया जाएगा।
--आईएएनएस
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