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गुजरात में ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ से 5 साल में 1.42 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

गांधीनगर, 7 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ के तहत 1.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,243 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सहायता प्रदान की गई है।
गुजरात में ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ से 5 साल में 1.42 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

गांधीनगर, 7 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच ‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ के तहत 1.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,243 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सहायता प्रदान की गई है।

यह योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 47,462 लाभार्थियों को 466 करोड़ रुपये की सब्सिडी सहायता दी गई।

योजना के तहत उद्योग, सेवा और व्यापार क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से योजना के तहत अधिकतम ऋण सीमा 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को अधिकतम 3.75 लाख रुपये तक की सब्सिडी सहायता मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग लाभार्थियों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थी वर्ग के अनुसार 25 से 40 प्रतिशत तक तथा शहरी क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी सहायता दी जाती है।

राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना हजारों परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को भी मजबूत कर रही है।

इस योजना का संचालन राज्य के खादी, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा मंत्री नरेश पटेल और राज्य मंत्री स्वरोकपजी ठाकोर के नेतृत्व में किया जा रहा है।

योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है।

यह योजना गुजरात के 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के निवासियों के लिए खुली है। आवेदक का कम से कम कक्षा 4 पास होना या संबंधित व्यवसाय से जुड़ा न्यूनतम तीन माह का निजी संस्थान से प्रशिक्षण अथवा किसी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम एक माह का प्रशिक्षण होना आवश्यक है।

इसके अलावा, व्यवसाय से जुड़ा एक वर्ष का अनुभव रखने वाले या पारंपरिक कारीगर परिवारों से जुड़े लोग भी योजना के पात्र हैं। योजना में आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

योजना के लाभार्थियों में अहमदाबाद जिले के बावला निवासी रोहित प्रजापति भी शामिल हैं, जिन्होंने योजना के तहत सहायता प्राप्त कर ईंट निर्माण का व्यवसाय शुरू किया।

रोहित प्रजापति ने अहमदाबाद में बढ़ती निर्माण गतिविधियों के बीच ईंट आपूर्ति कारोबार में अवसर देखा और अपना निर्माण यूनिट शुरू करने की योजना बनाई। हालांकि, पूंजी की व्यवस्था बड़ी चुनौती थी, जिसके चलते उन्होंने बैंक ऋण लेने का विचार किया।

बाद में उन्होंने जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित एक सेमिनार में हिस्सा लिया, जहां उन्हें योजना और ऋण पर मिलने वाली सब्सिडी की विस्तृत जानकारी मिली।

रोहित प्रजापति ने कहा, “सरकार की इस योजना के माध्यम से मैं सफलतापूर्वक अपना ईंट निर्माण व्यवसाय शुरू कर पाया। यह सहायता मेरे व्यवसाय की प्रगति में बेहद उपयोगी साबित हुई है, जिसके लिए मैं राज्य सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

--आईएएनएस

डीएससी

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