गुजरात: वडोदरा बस टर्मिनल ढहने से एक की मौत, जांच के आदेश
वडोदरा, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। वडोदरा के सेंट्रल बस स्टेशन की ऊपरी संरचना का एक हिस्सा शुक्रवार को ढह गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और स्टेशन पर बस सेवाओं में अस्थायी बाधा उत्पन्न हुई।
यह घटना बस टर्मिनल पर हुई, जिसे 114 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था। इस घटना से वहां मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस के अनुसार, यह हादसा दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच हुआ। हताहतों की संख्या को लेकर शुरू में जो भ्रम था, उसे बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में केवल एक व्यक्ति की मौत हुई है और किसी अन्य के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पुलिस उपायुक्त (जोन-1) जगदीश चावड़ा ने कहा, "शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अहमदाबाद के चांदखेड़ा निवासी नरसिंहभाई दवे के रूप में हुई है। फिलहाल, इस घटना के कारण किसी अन्य के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और अन्य एजेंसियों की एक टीम नमूने लेने और आगे की जांच करने में जुटी है। इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है और एक बार नमूने लेने का काम पूरा हो जाने के बाद, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों की मदद से मलबा हटाया जाएगा। इस मामले में 'आकस्मिक मृत्यु' का केस दर्ज कर लिया गया है।"
इमारत गिरने के बाद, फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव तथा मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। प्रभावित इलाके को चारों ओर से घेर दिया गया और एहतियात के तौर पर टर्मिनल के आस-पास के हिस्सों से यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। बस सेवाएं आंशिक रूप से बाधित हुईं, क्योंकि अधिकारियों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर के अंदर आवाजाही पर रोक लगा दी थी। अधिकारियों ने यह पता लगाने के लिए भी जांच की कि कहीं मलबे के नीचे कोई फंसा तो नहीं है।
एफएसएल और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने इमारत के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। इस बस स्टेशन का उद्घाटन फरवरी 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोषी ने कहा, "आज वडोदरा सेंट्रल बस स्टेशन पर हुई एक घटना में, जिसे 114 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था, इमारत का ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस गंभीर दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।"
उन्होंने आरोप लगाया कि यह गुजरात में भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण है। कुछ दिन पहले भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जब एक पानी की टंकी ढह गई थी। यह भाजपा की 'चंदा दो-धंधा लो' वाली राजनीति को दर्शाता है। भ्रष्टाचार के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और उन्हें तकलीफें झेलनी पड़ रही हैं। मैं मांग करता हूं कि इस घटना की गहन जांच की जाए।
--आईएएनएस
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