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गुजरात: भ्रष्टाचार के जोखिम रोकने के लिए अभियान, एआई और साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस

गुजरात: भ्रष्टाचार के जोखिम रोकने के लिए अभियान, एआई और साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस
गुजरात: भ्रष्टाचार के जोखिम रोकने के लिए अभियान, एआई और साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस

गांधीनगर, 24 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कमियों की पहचान करने और भ्रष्टाचार के संभावित जोखिमों को पहले ही दूर करने के लिए तीन महीने का 'प्रिवेंटिव विजिलेंस' अभियान शुरू किया है।

इस अभियान में साइबर सिक्योरिटी, सरकारी खरीद, फॉरेंसिक अकाउंटिंग, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से जुड़ी ट्रेनिंग प्रमुख रूप से शामिल होगी।

सरकार की तरफ से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, यह अभियान 10 सितंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा। इसके दायरे में राज्य सरकार के विभाग, कार्यालय, बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और स्थानीय निकाय शामिल होंगे।

इस अभियान के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह भी आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार के मुताबिक, इसे 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक 'प्रोबिटी फॉर प्रॉस्पेरिटी' थीम के तहत मनाया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा, "गुजरात में यह अभियान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। गुजरात सतर्कता आयोग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और विभिन्न विभाग इसमें शामिल हैं।"

अभियान के तहत ईमानदारी की शपथ, जन जागरूकता कार्यक्रम, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और डिजिटल पहल आयोजित की जाएंगी।

सरकार मौजूदा प्रक्रियाओं की कमजोरियों की पहचान भी करेगी। इसके साथ तकनीक आधारित व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाएगा और नागरिकों की प्रतिक्रिया लेने तथा शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक कार्यालय और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी मिलकर साइबर सिक्योरिटी और साइबर हाइजीन से जुड़ी ट्रेनिंग देंगे।

उद्योग एवं खान विभाग और उद्योग आयुक्त कार्यालय सरकारी खरीद को लेकर एमएसएमई और विक्रेताओं के लिए मास्टरक्लास, वर्कशॉप और कैंप आयोजित करेंगे।

'अलर्ट सप्लायर, स्ट्रॉन्ग गुजरात' पहल के तहत सरकार सरकारी खरीद के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसे लेकर एक गाइड तैयार करेगी। इसके अलावा 500 से ज्यादा अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

सड़क एवं भवन विभाग और नर्मदा, जल संसाधन, जल आपूर्ति तथा कल्पसर विभाग के अधिकारियों को अपडेटेड पीडब्ल्यूडी मैनुअल, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट, ऑडिट और अकाउंट्स तथा साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी।

ट्रेनिंग में आचरण नियम, हितों के टकराव, प्रारंभिक और विभागीय जांच तथा सार्वजनिक सेवा में नैतिकता से जुड़े विषय भी शामिल होंगे।

एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम और कॉमन फाउंडेशन कोर्स में सतर्कता और अनुशासनात्मक नियमों के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम को भी शामिल किया जाएगा।

वित्त विभाग अकाउंटिंग से जुड़े कर्मचारियों को ट्रेनिंग देगा। साथ ही गुजरात अकाउंट्स सर्विस के क्लास-I और क्लास-II अधिकारियों को एनएफएसयू के सहयोग से फॉरेंसिक अकाउंटिंग और धोखाधड़ी की जांच से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी।

राजस्व विभाग एसपीआईपीए, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और दीनदयाल इंस्टीट्यूट ऑफ सर्वे एंड रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर ट्रेनिंग आयोजित करेगा। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, अनुशासन और आचरण नियम, नैतिकता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार रोकने के उपायों पर जानकारी दी जाएगी।

ट्रेनिंग सेशन में आरटीआई एक्ट, सिटीजन चार्टर, तय समय में सेवाएं उपलब्ध कराने, साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्रोटेक्शन, फिशिंग, साइबर फ्रॉड और प्रशासन में एआई के इस्तेमाल जैसे विषय भी शामिल होंगे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग आईटी खरीद, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, तकनीक के मूल्यांकन, दस्तावेज तैयार करने, बोली खारिज करने के कारणों और शिकायत निवारण पर ध्यान देगा।

आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से विभाग 'प्रेडिक्टिव विजिलेंस फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर' पर भी काम करेगा। इसके तहत डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन्स और गेमिफिकेशन का इस्तेमाल करते हुए जोखिम की पहचान और डेटा आधारित सतर्कता व्यवस्था तैयार की जाएगी।

इसके अलावा, अभियान के तहत सरकार की चल संपत्तियों को डिजिटल रिकॉर्ड में लाने, लीज समझौतों की समीक्षा करने, अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने और पुरानी या इस्तेमाल में नहीं आ रही सरकारी संपत्तियों का नियमों के अनुसार निपटारा करने पर भी काम किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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