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गुजरात : उपमुख्यमंत्री ने सूरत में महिला आश्रय गृह की आधारशिला रखी

सूरत, 20 जून (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को सूरत के घोड़दौड़ रोड पर लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 'नारी संरक्षण गृह' की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने सूरत कलेक्टर ऑफिस में 'हलपति हाउसिंग स्कीम' पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हलपति और आदिवासी समुदायों के लिए आवास की सुविधा और भूमि अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
गुजरात : उपमुख्यमंत्री ने सूरत में महिला आश्रय गृह की आधारशिला रखी

सूरत, 20 जून (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को सूरत के घोड़दौड़ रोड पर लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 'नारी संरक्षण गृह' की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने सूरत कलेक्टर ऑफिस में 'हलपति हाउसिंग स्कीम' पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हलपति और आदिवासी समुदायों के लिए आवास की सुविधा और भूमि अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

नए 'जी प्लस 2' शेल्टर होम में हिंसा और शोषण की शिकार 101 महिलाओं के रहने की क्षमता होगी। अधिकारियों ने बताया कि इस सुविधा का मकसद कमजोर वर्ग की महिलाओं को तुरंत सुरक्षा और पुनर्वास में मदद देना है।

अभी, कामरेज तालुका के अंबोली में जननिधाम कैंपस में मौजूद नारी संरक्षण गृह में 24 महिलाएं और एक बच्चा रह रहा है; ये सभी घरेलू हिंसा, लिंग-आधारित हिंसा, या अन्य तरह के शोषण से बचे हुए लोग हैं।

निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें नई सुविधा में शिफ्ट किए जाने की उम्मीद है।

इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री ने हलपति हाउसिंग स्कीम के लागू होने पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सूरत शहर और एसयूडीए इलाकों में हलपति और आदिवासी समुदायों के सदस्यों के लिए घर आवंटन, जमीन के मालिकाना हक और विरासत के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में उन मामलों की जांच की गई जिनमें पात्र लाभार्थियों को प्रशासनिक या तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी तक स्कीम का लाभ नहीं मिला था।

यह तय किया गया कि प्रशासन, सूरत नगर निगम, जिला पंचायत और हलपति हाउसिंग बोर्ड के प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी। यह समिति रुकावटों की पहचान करेगी और लंबित आवेदनों का समय पर समाधान सुनिश्चित करेगी।

अधिकारियों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने में तेजी लाने, प्रशासनिक कमियों को ठीक करने और लंबे समय से लंबित विरासत के मामलों को सुलझाने के लिए जरूरी कानूनी सलाह देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिले में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई, जिसमें पात्र लाभार्थियों को जमीन और प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के दस्तावेज जारी करने में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

--आईएएनएस

एससीएच/एमएस

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