गुजरात की अदालत ने चरस जब्ती मामले में एक व्यक्ति को 20 साल की सजा सुनाई
बनासकांठा, 11 जुलाई (आईएएनएस)। पालनपुर स्थित एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के एक मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में करीब छह साल पहले एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की 16.575 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी।
9 जुलाई को सुनाए गए फैसले में अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर समीर अहमद शेख नागोरी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। कारावास की सजा के साथ-साथ अदालत ने दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने आदेश दिया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया जाता है, तो दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
एटीएस के अनुसार, यह मामला 2020 में तब दर्ज किया गया था जब अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एक वाहन को रोका और उसमें से 16.575 किलोग्राम चरस जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 1,00,51,800 रुपए थी।
अपने फैसले में, विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने कहा कि व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर खतरा है।
प्रतिबंधित पदार्थों की मात्रा, अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके व्यापक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने दोषी आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई।
एटीएस ने कहा कि मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कानून के अनुसार अलग से जारी रहेगी। यह मामला अक्टूबर 2020 का है, जब गुजरात एटीएस ने सूचना मिलने पर बनासकांठा जिले के पालनपुर के पास महाराष्ट्र में पंजीकृत एक कार को रोका था।
जांचकर्ताओं ने बताया कि चरस कथित तौर पर पंजाब के लुधियाना से लाई गई थी और सेब के डिब्बों में छिपाई गई थी।
मौके पर ही महाराष्ट्र के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें समीर शेख भी शामिल था। एटीएस ने बाद में जांच के दौरान अहमदाबाद से एक कथित मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया।
जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह खेप पैसों के बदले गुजरात में पहुंचाई जानी थी।
--आईएएनएस
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