गुजरात सीएम ने तापी में 317 बेड वाले अस्पताल का किया उद्घाटन, 800 बेड वाले हॉस्पिटल की रखी नींव
तापी, 22 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को व्यारा में 317 बेड वाले एक ट्रांजिशनल हॉस्पिटल का उद्घाटन किया और 800 बेड वाले एक हॉस्पिटल की नींव रखी। इससे तापी जिले और गुजरात-महाराष्ट्र बॉर्डर से सटे आदिवासी इलाकों में आठ लाख से ज्यादा लोगों को एडवांस्ड हेल्थकेयर मिल सकेगी।
नया हॉस्पिटल मौजूदा व्यारा जनरल हॉस्पिटल कैंपस में बनाया गया है, ताकि जब तक नई 800 बेड की फैसिलिटी बन रही है, तब तक मेडिकल सर्विस और मरीजों का इलाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
राज्य सरकार और यूएनएम फाउंडेशन इस बड़े प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत डेवलप कर रहे हैं।
व्यारा में ओवरऑल हेल्थकेयर हब में 800 बेड का जनरल हॉस्पिटल, 150 सीटों वाला एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज और एक स्टूडेंट हॉस्टल शामिल होगा। यूएनएम फाउंडेशन इस प्रोजेक्ट को कर रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 910 करोड़ रुपए है।
नई फैसिलिटी से तापी और गुजरात और महाराष्ट्र के बॉर्डर वाले इलाकों के लोगों को घर के पास एडवांस्ड ट्रीटमेंट और इमरजेंसी केयर मिलने की उम्मीद है।
अभी, तापी में जिन मरीजों को स्पेशल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, उन्हें अक्सर लगभग 75 किमी दूर सूरत जाना पड़ता है।
यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पब्लिक सर्विस में 25 साल पूरे होने के मौके पर 'सेवा संकल्प अभियान' के हिस्से के तौर पर किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हेल्थकेयर प्रोजेक्ट को इलाके के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों के लोगों को समर्पित किया।
9,986 स्क्वायर मीटर के एरिया में फैले इस ट्रांजिशनल हॉस्पिटल में 317 बेड हैं, जिसमें 271 वार्ड बेड और 46 क्रिटिकल केयर बेड हैं। इसके आउटपेशेंट डिपार्टमेंट की कैपेसिटी हर दिन लगभग 700 से बढ़कर 1,200 मरीज हो गई है, जिसमें 24 ओपीडी रूम हैं, जो 17 क्लिनिकल स्पेशलिटी को कवर करते हैं।
इस फैसिलिटी में चार ऑपरेशन थिएटर हैं, जिनमें से तीन बड़ी सर्जरी के लिए और एक सिजेरियन और मैटरनिटी सर्विस के लिए हैं। इसमें एक इमरजेंसी माइनर ऑपरेशन थिएटर और एक पोस्टमॉर्टम ऑपरेशन थिएटर भी हैं।
क्रिटिकल-केयर इंफ्रास्ट्रक्चर में 34 आईसीयू बेड, 12 एनआईसीयू/पीआईसीयू बेड और छह इमरजेंसी डिपार्टमेंट बेड शामिल हैं।
दूसरी फैसिलिटी में एडवांस्ड पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी लैब, एक ब्लड स्टोरेज सेंटर, एक्स-रे और यूएसजी सर्विस, आठ बेड वाली डायलिसिस यूनिट, एक सेंट्रल स्टेराइल सर्विस डिपार्टमेंट, एक कंगारू मदर केयर रूम और एक एनआरसी वार्ड शामिल हैं।
इस विस्तार का मकसद प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के जरिए आदिवासी स्टूडेंट्स के लिए मेडिकल एजुकेशन को उनके घर के करीब लाना भी है।
टॉरेंट ग्रुप के डायरेक्टर जिनल मेहता ने कहा कि यूएनएम फाउंडेशन पीपीपी मॉडल के तहत गुजरात सरकार के साथ पार्टनरशिप में व्यारा जनरल हॉस्पिटल का रीडेवलपमेंट और विस्तार कर रहा है।
मेहता ने कहा, "ट्रांजिशनल हॉस्पिटल का उद्घाटन और नए यूएनएम जनरल हॉस्पिटल की नींव रखना व्यारा और आसपास के इलाकों के लिए हेल्थकेयर में एक नया चैप्टर है।" यूएनएम फाउंडेशन, टोरेंट ग्रुप के प्रमोटर मेहता परिवार का समाज सेवी संगठन है।
यह हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यावरण, कला और संस्कृति में पहल करता है। इसके हेल्थकेयर पहलों में अहमदाबाद में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, सूरत के कामरेज में यूएनएम चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल और अहमदाबाद में संकलन न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेंटर शामिल हैं।
--आईएएनएस
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