गुजरात में बारिश: अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, 13 जिलों में हाई अलर्ट
गांधीनगर, 30 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात ने आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है और 13 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम शुरू कर दिए हैं और इमरजेंसी रिस्पॉन्स एजेंसियों को तैनाती के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
गांधीनगर में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (रेवेन्यू) डॉ. जयंती रवि की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में इन उपायों की समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर, भरूच, आणंद, नर्मदा, तापी, डांग, छोटा उदेपुर, पंचमहल, दाहोद और महीसागर जिलों के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के बाद इन सभी जिलों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है।
डॉ. रवि ने मौजूदा हालात और प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने और पहचाने गए जिलों में सभी अधिकारियों की छुट्टियां तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करने के लिए डॉ. रवि ने आदेश दिया कि हर जिले में चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम चालू रहें और कामकाज की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे एक क्लास-वन अधिकारी तैनात रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी जरूरत हो, खासकर निचले और संवेदनशील इलाकों में, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमों को तुरंत तैनात किया जाए।
डॉ. रवि ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर हालात बहुत ज्यादा गंभीर हो जाते हैं, तो राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में बारिश के हालात के आधार पर स्कूलों और आंगनवाड़ियों में छुट्टी घोषित करने के बारे में स्थानीय स्तर पर फैसला ने का अधिकार होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पक्का करें कि जोखिम वाले इलाकों से निकाले गए लोगों को तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए और इन जगहों पर भोजन, सुरक्षित पीने का पानी और जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हों।
--आईएएनएस
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