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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को बलूच नेता ने दिखाया आईना, कहा- 'आतंकवाद का ठीकरा अफगानिस्तान पर न फोड़ें'

क्वेटा, 18 जून (आईएएनएस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलोच ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी पर सख्त ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने अपने मुल्क के बिगड़े हालात का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ा है। उन्होंने अफगानिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसी बयान को आधार बनाकर बलोच ने कहा कि ऐसे आरोप इस बात का संकेत हैं कि इस्लामाबाद अपनी नीतियों की विफलता को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को बलूच नेता ने दिखाया आईना, कहा- 'आतंकवाद का ठीकरा अफगानिस्तान पर न फोड़ें'

क्वेटा, 18 जून (आईएएनएस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलोच ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस टिप्पणी पर सख्त ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने अपने मुल्क के बिगड़े हालात का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ा है। उन्होंने अफगानिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसी बयान को आधार बनाकर बलोच ने कहा कि ऐसे आरोप इस बात का संकेत हैं कि इस्लामाबाद अपनी नीतियों की विफलता को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को पाकिस्तान में आतंकवाद का मुख्य स्रोत बताते हुए उसे बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की बिगड़ी सुरक्षा-व्यवस्था का जिम्मेदार बताया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए नसीम बलोच ने कहा कि पाकिस्तान सरकार के ऐसे बयान बलूचिस्तान के स्वदेशी राष्ट्रीय आंदोलन का दुष्प्रचार करने की कोशिश हैं।

उन्होंने कहा, " सभी जानते हैं कि पाकिस्तान के शासक पहले भी समय-समय पर भारत, अफगानिस्तान, अमेरिका, रूस और ईरान पर बलूच संघर्ष का समर्थन करने के आरोप लगाते रहे हैं, ताकि बलूचिस्तान पर अपने नियंत्रण को सही ठहराया जा सके।"

नसीम बलोच के अनुसार, "यह आंदोलन राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक बलूचिस्तान को स्वतंत्रता नहीं मिलती।"

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को समझना चाहिए कि बलूचिस्तान एक “कब्जे वाला क्षेत्र” है और बलूच लोगों के अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता। इस पर उनका कोई जोर नहीं चल सकता।

उन्होंने आगे कहा, "इतिहास गवाह है कि किसी भी राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन को बलपूर्वक हमेशा के लिए नहीं दबाया जा सकता। ख्वाजा आसिफ को अपने सहयोगी अमेरिका के इतिहास से ही सबक ले लेना चाहिए, जो औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष कर खुद को खड़ा करने में कामयाब रहा। बलूचिस्तान भी अपनी आजादी, अपने राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए संघर्ष जारी रखेगा और आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंचकर ही दम लेगा।"

इससे पहले, उन्होंने बलूच यकजेहती कमिटी (बीवाईसी) के नेताओं के “गोपनीय और लंबे मुकदमों” पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सार्वजनिक पारदर्शिता के चल रही ये सुनवाईयां मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और बलूच कार्यकर्ताओं को चुप कराने की कोशिश का हिस्सा हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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