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तमिलनाडु : चार महीने बाद ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन काउंसिल की बैठक आज

चेन्नई, 24 जून (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों और आचार संहिता लागू होने की वजह से चार महीने बाद बुधवार को ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) काउंसिल की बैठक होने जा रही है।
तमिलनाडु : चार महीने बाद ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन काउंसिल की बैठक आज

चेन्नई, 24 जून (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों और आचार संहिता लागू होने की वजह से चार महीने बाद बुधवार को ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) काउंसिल की बैठक होने जा रही है।

इस बैठक पर स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों, दोनों की नजर रहेगी, जहां आम नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि लंबे समय से चली आ रही नागरिक समस्याओं पर बात करेंगे।

वहीं, इस बात पर भी नजर है कि पार्षद सत्ताधारी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) में शामिल हो रहे हैं और काउंसिल हॉल में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय की तस्वीर लगाने पर चर्चा हो सकती है। जब से टीवीके सत्ता में आई है, तब से कई स्थानीय निकायों में इसको लेकर चर्चा की जा रही है।

खबरों के अनुसार, हाल के महीनों में एआईएडीएमके और अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके) के चार पार्षदों ने टीवीके का दामन थाम लिया है। काउंसिल में पार्टी को अपने सहयोगियों का भी समर्थन हासिल है, जिनमें कांग्रेस के 13 सदस्य, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के चार सदस्य, सीपीआई(एम) और सीपीआई के दो-दो सदस्य और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का एक सदस्य शामिल है। हालांकि, 153 सदस्यों के साथ डीएमके का काउंसिल में दबदबा बना हुआ है।

वार्ड 4 से सीपीआई(एम) पार्षद आर. जयरामन ने कहा कि चार महीने से काउंसिल की बैठकें न होने के कारण पार्षदों के लिए जनहित के मुद्दे उठाने के मौके कम हो गए थे। उन्होंने बताया कि निवासियों ने बार-बार शिकायत की है कि रात में अक्सर बिजली चली जाती है, तूफानी पानी की निकासी (स्टॉर्मवॉटर ड्रेन) का काम अधूरा पड़ा है, सड़कों की मरम्मत ठीक से नहीं हुई है और टैंकर सेवाओं के जरिए पीने के पानी की आपूर्ति अनियमित है।

डीएमके पार्षद और टोंडियारपेट जोनल चेयरमैन नेताजी यू. गणेशन ने उत्तरी चेन्नई में रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर लंबे समय से अटके रोड ओवरब्रिज का काम शुरू होने का स्वागत किया। साथ ही, उन्होंने स्थानीय पार्षदों से सलाह लिए बिना वैद्यनाथन ब्रिज और आर.के. नगर जंक्शन के बीच ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के लिए नागरिक प्रशासन और पुलिस की आलोचना की।

उनके अनुसार, इस कदम के कारण सुबह के व्यस्त समय में भारी जाम लग गया और वह बैठक के दौरान इसके वैकल्पिक समाधान खोजने की योजना बना रहे हैं। वलासरवक्कम जोनल चेयरमैन वी. राजन ने भी काउंसिल की बैठक बुलाने में हुई देरी पर सवाल उठाए और कहा कि चुनाव आचार संहिता 6 मई को ही हटा ली गई थी।

कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को काउंसिल के सामने 28 प्रस्ताव रखे जाएंगे, जबकि 12 पार्षदों ने चर्चा के लिए सवाल जमा किए हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कॉरपोरेशन को अभी तक पार्षदों के राजनीतिक दल बदलने के बारे में कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। मौजूदा नियमों के तहत, पार्टी बदलने वाले पार्षदों को अपने-आप अयोग्य नहीं ठहराया जाता, बशर्ते पार्षद और संबंधित पार्टी दोनों की ओर से जरूरी सूचना दे दी जाए।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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