अगले 10 सालों में मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने का लक्ष्य: महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि मुंबई के समग्र पुनर्विकास के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल पर योजना बनाई गई है, जिसका लक्ष्य अगले दशक में शहर को झुग्गी-मुक्त बनाना है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना, म्हाडा (महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण) कॉलोनियों के कायाकल्प और बीईएसटी (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) बस डिपो के आधुनिक पुनर्विकास के माध्यम से मुंबई का स्वरूप बदलने वाला है।
वे नारेडको महाराष्ट्र के 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह में बोल रहे थे।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि नारेडको ने हमेशा रियल एस्टेट सुधारों, व्यापार करने में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) और पूरे व्यापारिक समुदाय के कल्याण को प्राथमिकता दी है। मुंबई की विकास योजना का मसौदा तैयार करते समय, नारेडको, एमसीएचआई, और क्रेडाई सहित रियल एस्टेट निकायों ने सरकार के साथ मिलकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप शहर के लिए एक प्रगतिशील विकास ढांचा तैयार हुआ।
जहां देश ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की, वहीं महाराष्ट्र ने इसी अवधि के दौरान 8.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की। मुख्यमंत्री ने इस विकास को गति देने में रियल एस्टेट क्षेत्र की अहम भूमिका का श्रेय दिया। मुंबई के विकास का अगला चरण पुनर्विकास पर केंद्रित है। क्लस्टर-आधारित योजना दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए, धारावी पुनर्विकास परियोजना पहले ही शुरू हो चुकी है, जिसका लक्ष्य जनवरी 2029 तक 10,000 पुनर्वास आवास इकाइयां उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 50 साल पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उपलब्ध भूमि संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करके नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके। शहर की जीवन रेखा को आधुनिक बनाने के लिए, बीएसटी बस डिपो का अत्याधुनिक पुनर्विकास किया जाएगा। इन स्थलों में आधुनिक बस स्टेशन, बेहतर यात्री सुविधाएं, व्यावसायिक और आवासीय स्थान के साथ-साथ संग्रहालय, खेल के मैदान और मनोरंजन केंद्र होंगे।
उन्होंने कहा कि यह मिश्रित-उपयोग दृष्टिकोण बीईएसटी के लिए राजस्व के नए स्रोत पैदा करेगा और साथ ही मुंबई के शहरी डिजाइन को काफी हद तक बदल देगा।
फडणवीस के अनुसार, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) डेवलपमेंट प्लान को इस तरह से तैयार किया गया है कि 2047 तक एमएमआर की इकॉनमी 1.5 डॉलर ट्रिलियन तक पहुंच जाए। एमएमआर, पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागपुर मेट्रोपॉलिटन रीजन में अगली पीढ़ी का शहरीकरण तेजी से बढ़ने वाला है। अभी एमएमआर में भारत की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता है, और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, नई टेक्नोलॉजी और डीप टेक के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाने की योजनाएं चल रही हैं।
उन्होंने कहा, "मुंबई 3 अब सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं है—इसे लागू करने का काम शुरू हो चुका है। स्मार्ट सिटी, एडु-सिटी, मेडी-सिटी और इनोवेशन सिटी जैसे कई शहरी केंद्र तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, उत्तन से विरार तक 24 किलोमीटर लंबा सी-लिंक बनाया जाएगा, जो ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ाने और मुंबई को सिग्नल-फ़्री बनाने के लिए एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होगा।"
जेएनपीटी से लगभग तीन गुना बड़ा वधावन पोर्ट देश की समुद्री इकॉनमी के लिए एक नई राह खोलने को तैयार है। अकेले इस पोर्ट से पालघर जिले में लगभग 10 लाख (1 मिलियन) रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विस्तार के लिए नए शहरी केंद्रों की ज़रूरत है, जिससे 'चौथी मुंबई' (फोर्थ मुंबई) के विकास की नींव पड़ेगी।
वधावन पोर्ट और जेएनपीची को नासिक से जोड़ने वाले एक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भी योजना है, जिसे समृद्धि एक्सप्रेसवे के जरिए जालना, वर्धा और गढ़चिरौली से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पोर्ट-आधारित विकास का फ़ायदा महाराष्ट्र के हर कोने तक पहुँचेगा।
सीएम फडणवीस ने कहा कि नागपुर में उद्योगों के लिए 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाओं के साथ 'न्यू नागपुर' विकसित किया जा रहा है, और रियल एस्टेट डेवलपर्स से इन उभरते मौकों का फ़ायदा उठाने को कहा गया है। पुणे में नए एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया इस साल शुरू होगी।
नए एयरपोर्ट के आस-पास के इलाके में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की योजना है। राज्य सरकार मुंबई-पुणे कॉरिडोर को 'क्वांटम कॉरिडोर' के तौर पर विकसित करने का भी लक्ष्य रखती है। भारत की 65 प्रतिशत आबादी युवा है—जिसमें महाराष्ट्र में 18 से 28 साल के लगभग 3 करोड़ (30 मिलियन) युवा शामिल हैं—और यह टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाली पीढ़ी आर्थिक तरक्की के नए रास्ते खोलेगी।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियों और बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलने वाला है, इसलिए कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए तेज और एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन तकनीकों के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनाना जरूरी हो गया है।
नारेडको महाराष्ट्र नेक्स्टजेन में रौनक बांडेलकर और उनकी नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार और रियल एस्टेट इंडस्ट्री के बीच मज़बूत पार्टनरशिप महाराष्ट्र के शहरी विकास को एक नई और साहसी दिशा में ले जाएगी।
इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में नारेडको के चेयरमैन कमलेश ठाकुर और नागपुर म्हाडा के कमिश्नर संजय मीना के बीच एक समझौते का आदान-प्रदान हुआ।
--आईएएनएस
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