गौरव गोगोई की पाक एंबेसी विजिट से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं : सीएम सरमा
गुवाहाटी, 8 फरवरी (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को लेकर बड़ा दावा किया। सीएम सरमा ने कहा कि गोगोई का पाकिस्तान दूतावास जाना केवल एक सामान्य राजनीतिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि इससे गंभीर राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई। इस तस्वीर में गौरव गोगोई कुछ युवाओं के समूह के साथ नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मुलाकात वर्ष 2015 की है और उस समय भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित भी इस बातचीत के दौरान मौजूद थे।
सीएम सरमा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से संवेदनशील और तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान के आधिकारिक प्रतिनिधियों से किसी भी तरह की मुलाकात को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की मुलाकात को सामान्य घटना मानना गलत होगा।
कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने असम के वीर सपूत कैप्टन जिन्तु गोगोई को याद किया, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सैनिकों ने अपनी जान तक कुर्बान की है और ऐसे में पाकिस्तान से जुड़े किसी भी संपर्क को लेकर जनता की भावनाएं बेहद संवेदनशील हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के रिश्तों से हर कोई परिचित है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़ा था। यही देश की भावना को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पाकिस्तान के आधिकारिक प्रतिष्ठान से जुड़े किसी भी संपर्क को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
हिमंता बिस्वा सरमा ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पार्टी का कोई अन्य वरिष्ठ नेता कभी इस तरह पाकिस्तान नहीं गया और न ही किसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान दूतावास में इस प्रकार की मुलाकात की। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें भी सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर पर भरोसा नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "लंबे समय तक मुझे लगा कि यह तस्वीर फोटोशॉप की गई है। लेकिन दो-तीन दिन बाद कांग्रेस के ही कुछ नेताओं ने इस तस्वीर को स्वीकार करना शुरू किया। तभी मुझे समझ में आया कि यह तस्वीर असली है।"
उन्होंने कहा कि जब तस्वीर की सच्चाई सामने आ गई, तो इस मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। इसके बाद जांच के दायरे को और व्यापक करने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय हित जुड़े हुए हैं।
सीएम सरमा ने कहा कि राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वह इस पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच करे, खासकर तब जब इसमें जनप्रतिनिधि और देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल सामने आ रहे हों।
--आईएएनएस
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