गलगोटिया रोबोट विवाद एक अलग घटना, भारत एआई क्रांति में सबसे आगे
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शित एक रोबोट को लेकर हाल में उठा विवाद भले ही सुर्खियों में रहा हो, लेकिन यह एक बड़े और सफल आयोजन का केवल छोटा सा हिस्सा है।
इस समिट ने दिखाया कि भारत तेजी से एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल, स्वायत्त ड्रोन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एआई समाधान जैसे कई नवाचार यहां देखने को मिले।
डीडी इंडिया के एक संवाददाता ने बताया कि यह समिट किसी एक विवादित प्रदर्शनी से परिभाषित नहीं होता, बल्कि यहां देश भर से आए सैकड़ों तकनीकी प्रदर्शनी स्टॉल भविष्य की तकनीकों की झलक दिखा रहे हैं। हर नवाचार भारत के एआई इकोसिस्टम की गहराई और विविधता को दर्शाता है।
इस समिट का एक बड़ा आकर्षण भारतजेन एआई रहा, जो देश की 22 आधिकारिक भाषाओं में फाउंडेशनल एआई मॉडल तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य भाषा की बाधाओं को दूर कर एआई को आम लोगों तक पहुंचाना है।
वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि पैराडाइमआईटी का 'सॉवरेन एआई बॉक्स' था, जिसे डेटा सुरक्षा को मजबूत करने और इंडियाएआई मिशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
ऐसे समय में जब डेटा की गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण है, ऐसे स्वदेशी समाधान आत्मनिर्भर एआई सिस्टम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
स्टार्टअप्स ने भी इस समिट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। स्काई एयर मोबिलिटी ने बताया कि उसने 36 लाख स्वचालित डिलीवरी पूरी की हैं और 1,000 टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन बचाया है। इससे साफ है कि एआई का उपयोग केवल दक्षता बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी किया जा रहा है।
एआई समिट में जमीनी स्तर पर किए गए प्रेरणादायक नवाचारों को भी सामने लाया गया। तारकराम मारम ने अपनी 'एआई ट्रेनर मशीन' पेश की, जिसका उद्देश्य एआई शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाना है।
फ्रंटियर मार्केट्स ने दिखाया कि कैसे एआई ग्रामीण महिला उद्यमियों को बेहतर व्यावसायिक फैसले लेने और अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद करके उन्हें सशक्त बना रहा है।
युवा नवाचारियों में ड्रब्लेट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी एक अलग पहचान बनाई। दो छात्रों, अग्निवा और आदित्य द्वारा स्थापित यह स्टार्टअप स्वायत्त नेविगेशन और रोबोटिक्स के क्षेत्र में नई सीमाएं तय कर रहा है।
यह भारत के युवाओं की तकनीकी क्षमता और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। समिट में बिहार सहित कई राज्यों के पवेलियन भी लगाए गए हैं, जहां एआई आधारित समाधानों के जरिए स्थानीय समस्याओं के समाधान की पहल दिखाई गई है।
--आईएएनएस
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