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नेपाल-चीन बॉर्डर पर फ्लैश फ्लड का कहर, नेपाल पुलिस के चार जवान लापता

नेपाल-चीन बॉर्डर पर फ्लैश फ्लड का कहर, नेपाल पुलिस के चार जवान लापता
नेपाल-चीन बॉर्डर पर फ्लैश फ्लड का कहर, नेपाल पुलिस के चार जवान लापता

काठमांडू, 26 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल-चीन के सीमावर्ती इलाकों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी के किनारे बसे कई इलाके पानी में बह गए।

उत्तरी रसुवा में बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के चार जवान अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं।

एपीएफ प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि नेपाल-चीन सीमा के समीपवर्ती इलाकों में आए फ्लैश फ्लड के बाद से ही इन चार जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

कार्की ने कहा, "बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है," और साथ ही कहा कि अधिकारियों को अभी यह पता लगाना है कि क्या लापता जवान बाढ़ से प्रभावित हुए हैं या नहीं।

इसके अलावा, स्थानीय मीडिया की अपुष्ट खबरों के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

तिब्बत क्षेत्र से निकलने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक सुबह करीब 9 बजे बढ़ना शुरू हुआ, जिससे रसुवा में बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों, पनबिजली केंद्रों, बिजली ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों पर इसका असर पड़ा है।

नेपाल-चीन सीमा के पास टिमुुरे मार्केट एरिया, टिमुुरे कस्टम्स ऑफिस और स्याब्रुबेसी के कुछ हिस्सों में भारी नुकसान की खबर है।

नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने कहा कि बाढ़ ने बिजली से जुड़े कई बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, जिनमें रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3ए और त्रिशूली-3बी पावर प्रोजेक्ट, 220 केवी त्रिशूली-3बी हब सब-स्टेशन, साथ ही त्रिशूली और देवीघाट पनबिजली संयंत्र और कई वितरण संरचनाएं शामिल हैं।

बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। अथॉरिटी ने कहा कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से बिजली आपूर्ति बहाल होने तक धैर्य रखने की अपील की है और सभी संबंधित पक्षों से बिजली आपूर्ति से जुड़ी जानकारी फैलाने में मदद करने का अनुरोध किया है।

नेपाल के इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार, शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि बाढ़ से 15 पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से कुछ चालू हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं। इनमें से 10 चालू हैं और पांच निर्माणाधीन हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि भोटेकोशी नदी त्रिशूली नदी में मिलती है और नुवाकोट तथा मध्य नेपाल के अन्य जिलों की ओर बढ़ती है। हाइड्रोलॉजी विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि बाढ़ नेपाल में भारी बारिश के कारण नहीं, बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) के कारण आई है।

हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय अधिकारी, चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर, पानी के अचानक बढ़ने के सही कारण का पता लगाने के लिए सैटेलाइट से मिली जानकारी का अध्ययन कर रहे हैं।

रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिलों में नदी के किनारे बसे उन इलाकों के लिए हाई-अलर्ट जारी किया गया है, जहां बाढ़ का खतरा है।

निचले इलाकों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। अधिकारियों ने लोगों से पृथ्वी हाईवे और नदी के किनारे वाले अन्य रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने को भी कहा है, क्योंकि बचाव और आपातकालीन दलों को तत्पर रहने को कहा गया है।

जिला-स्तरीय आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रभावित इलाकों में बचाव कार्यों में तालमेल बिठा रहे हैं और आपातकालीन संसाधनों को जुटा रहे हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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