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एफटीए से भारत के निर्यातकों के लिए खुल रहे बड़े अवसर, उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान: पीयूष गोयल

एफटीए से भारत के निर्यातकों के लिए खुल रहे बड़े अवसर, उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान: पीयूष गोयल
एफटीए से भारत के निर्यातकों के लिए खुल रहे बड़े अवसर, उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा किए गए विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) ने देश के निर्यातकों के लिए बड़े अवसरों के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इन समझौतों का लाभ किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, एमएसएमई और छोटे कारोबारियों तक पहुंचे, ताकि वे अधिक से अधिक 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचा सकें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने कहा कि इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने में मदद के लिए वाणिज्य विभाग राज्य सरकारों के सहयोग से विशेष एफटीए जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा राज्य में आयोजित ऐसे ही एक कार्यक्रम में भाग लेने और स्थानीय उद्योगों को नए निर्यात बाजारों की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित करने की सराहना की।

गोयल ने कहा, "देशभर में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर राज्य अपनी विशिष्ट निर्यात क्षमता को पहचान सके, हमारे एफटीए का बेहतर उपयोग हो और भारत के निर्यात को नई गति मिले।"

उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता मंगलवार से लागू हो चुका है और इसके तहत भारतीय निर्यात को 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) पहुंच मिली है। यह समझौता एमएसएमई, किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगा। साथ ही भारतीय पेशेवरों के लिए नए रास्ते खोलेगा और भारत के मूल हितों की भी रक्षा करेगा।

गोयल ने कहा कि भारतीय किसानों को फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक पहुंच मिलेगी। इसके अलावा उत्पादकता बढ़ाने, आय मजबूत करने और आजीविका को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग भी बढ़ेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है और किसानों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि न्यूजीलैंड द्वारा भारत में 20 अरब डॉलर तक के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, सेवाओं और नवाचार के क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं पैदा करेगी तथा रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देगी।

उन्होंने कहा, "इस नई यात्रा की शुरुआत के साथ मैं हमारे निर्यातकों, कारोबारियों, एमएसएमई और उद्यमियों को शुभकामनाएं देता हूं। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे इस समझौते का पूरा लाभ उठाएं, दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करें और इसकी संभावनाओं को देशवासियों के लिए वास्तविक लाभ में बदलें।"

--आईएएनएस

डीबीपी

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