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एफएसएसएआई ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते दो खाद्य व्यवसायों के लाइसेंस किए निलंबित

एफएसएसएआई ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते दो खाद्य व्यवसायों के लाइसेंस किए निलंबित
एफएसएसएआई ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते दो खाद्य व्यवसायों के लाइसेंस किए निलंबित

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को कहा कि उसने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद दो खाद्य व्यवसायों कैलाश फॉर्म्युलेशन और सैनिक्योर वाटर प्रोजेक्ट के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि यह कार्रवाई जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है और अगले आदेश तक दोनों इकाइयों के लाइसेंस निलंबित रहेंगे।

एफएसएसएआई के अनुसार, जिले में चलाए गए निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान के दौरान दोनों इकाइयों में स्वच्छता, सफाई, खाद्य सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन से जुड़े गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय लिया गया।

निरीक्षण के दौरान कैलाश फॉर्म्युलेशन परिसर की समग्र सफाई, स्वच्छता और सैनिटेशन व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। जांच टीम ने पाया कि कर्मचारियों के लिए पर्याप्त हाथ धोने, कपड़े बदलने और व्यक्तिगत स्वच्छता की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।

इसके अलावा, खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण, टीकाकरण और व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। कंपनी आवश्यक प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट, उपकरणों के कैलिब्रेशन रिकॉर्ड, विश्लेषण प्रमाणपत्र (सीओए), नियंत्रण नमूना रिकॉर्ड और अन्य अनिवार्य दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सकी।

निरीक्षण में अपर्याप्त रोशनी, दीवारों से उखड़ता प्लास्टर और पेंट, कचरा प्रबंधन में कमियां, पुराने स्टॉक के अनुचित रखरखाव, निवारक रखरखाव रिकॉर्ड की अनुपस्थिति और सीवेज निपटान से जुड़े रिकॉर्ड न होने जैसी खामियां भी सामने आईं।

एफएसएसएआई ने यह भी पाया कि पैकेजिंग सामग्री, कच्चे माल और प्रशिक्षण से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। पीईटी बोतलों और ढक्कनों सहित पैकेजिंग सामग्री के लिए आवश्यक फूड-ग्रेड प्रमाणपत्र और माइग्रेशन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थीं। विस्तृत जांच के बाद प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि इकाई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का गंभीर उल्लंघन हो रहा था।

सैनिक्योर वाटर प्रोजेक्ट के निरीक्षण में भी गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने परिसर में खराब स्वच्छता व्यवस्था, अपर्याप्त कीट-नियंत्रण और बड़े पैमाने पर कीट संक्रमण पाया, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुईं।

निरीक्षण के दौरान हाथ धोने की सुविधाओं और शौचालयों सहित व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाएं अपर्याप्त पाई गईं। साथ ही मशीनों और उपकरणों के नियमित रखरखाव की कमी भी सामने आई। कई उपकरणों पर जंग और क्षरण के निशान पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जिनमें कीट नियंत्रण समझौता, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और टीकाकरण रिकॉर्ड, नियंत्रण नमूना रिकॉर्ड, ग्राहक शिकायत रजिस्टर, सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (सीएपीए) रिकॉर्ड तथा वाहन स्वच्छता जांच सूची शामिल हैं।

इसके अलावा पीने योग्य पानी की जांच रिपोर्ट, कच्चे माल और रसायनों के विश्लेषण प्रमाणपत्र तथा स्वीकृत आपूर्तिकर्ताओं से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। एफएसएसएआई ने यह भी पाया कि पानी की जांच से संबंधित एक प्रयोगशाला रिकॉर्ड की प्रति में डिजिटल रूप से बदलाव या संपादन किया गया था, जिसे गंभीर अनियमितता माना गया।

एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और दस्तावेजी अनुपालन के मानकों का पालन अनिवार्य है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

--आईएएनएस

डीबीपी

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