विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारत-जर्मनी विदेश कार्यालय परामर्श के लिए बर्लिन पहुंचे
बर्लिन, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारत-जर्मनी विदेश कार्यालय परामर्श के लिए बर्लिन दौरे पर पहुंचे हैं। वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
विदेश सचिव मंगलवार (भारतीय समयानुसार) तड़के बर्लिन पहुंचे, जहां जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने उनका स्वागत किया।
जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री भारत-जर्मनी विदेश कार्यालय परामर्श के लिए बर्लिन पहुंच गए हैं। यह यात्रा जनवरी 2026 में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत की सफल यात्रा के बाद हो रही है, और यह भारत व जर्मनी के बीच नियमित संवाद को दर्शाती है।"
भारतीय राजदूत अजीत गुप्ते ने भी सोशल मीडिया के जरिए भी विदेश सचिव मिस्री का बर्लिन में स्वागत किया। भारतीय राजदूत ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "उनकी यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के संपूर्ण दायरे की समीक्षा करने, द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख स्तंभों पर चर्चा को आगे बढ़ाने व क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का एक अवसर प्रदान करती है।"
इससे पहले, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने उनकी यात्रा की घोषणा करते हुए बताया था कि विदेश सचिव मिस्री, जर्मनी के विदेश कार्यालय के राज्य सचिव गेजा एंड्रियास वॉन गेयर के साथ मिलकर भारत-जर्मनी विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "चर्चाओं में द्विपक्षीय सहयोग के विविध क्षेत्र शामिल होंगे, जिनमें व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंध व आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मामले शामिल हैं।"
विदेश सचिव के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात करने की उम्मीद है।
यह यात्रा विदेश सचिव की पेरिस यात्रा के ठीक बाद हो रही है, जहां उन्होंने सोमवार को फ्रांस के विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ मिलकर भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चाओं में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी, जिसमें रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल क्षेत्रों में सहयोग, एआई, नवाचार व मानवीय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई पहलें शामिल थीं।
इससे पहले, भारतीय विदेश सचिव ने फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरो से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की।
--आईएएनएस
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