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फ्रांस में विदेश मंत्री एस जयशंकर: कनाडा, दक्षिण कोरिया और जापान के अपने समकक्षों से की मुलाकात

पेरिस, 26 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर गुरुवार को जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पेरिस पहुंचे। यहां उन्होंने दक्षिण कोरिया, कनाडा और जापान के अपने समकक्षों से मुलाकात की।
फ्रांस में विदेश मंत्री एस जयशंकर: कनाडा, दक्षिण कोरिया और जापान के अपने समकक्षों से की मुलाकात

पेरिस, 26 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर गुरुवार को जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पेरिस पहुंचे। यहां उन्होंने दक्षिण कोरिया, कनाडा और जापान के अपने समकक्षों से मुलाकात की।

बैठक में, विदेश मंत्री और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा की।

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा, "हमारे द्विपक्षीय एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए एफएम अनीता आनंद के साथ अपनी बातचीत जारी रखी। पश्चिम एशिया के हालातों पर भी चर्चा की।"

विदेश मंत्री ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ भी बैठक की और कहा कि वह दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "आरओके के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ बैठक काफी सफल रही। हमारी साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।"

जयशंकर ने अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी से भी मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, "अपने दोस्त विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है; इस बार जी7 एफएमएम के दौरान मिल कर फिर प्रसन्नता हुई।"

गुरुवार को दिन में विदेश मंत्री जयशंकर जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने फ्रांस पहुंचे। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सहयोगी देशों के साथ जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के अब्बे देस वॉक्स-डे-सेर्ने पहुंचा। अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक के लिए फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने गर्मजोशी से स्वागत किया।”

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के निमंत्रण पर जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस बैठक में यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष समेत कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।

फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “ईरान और मध्य-पूर्व पर चर्चा के दौरान सभी सहयोगी देश तनाव कम करने के लिए संवाद का रास्ता तलाशेंगे। साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा, समुद्री और व्यापारिक मार्गों को फिर से खोलने तथा ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रमों पर पाबंदी पर जोर देंगे।”

बयान में आगे कहा गया, “यूक्रेन के मामले में जी7 पार्टनर कीव को ऊर्जा और क्षमता क्षेत्र में मदद की बात दोहराएंगे और रूस पर दबाव बढ़ाएंगे, खासकर उसके शैडो फ्लीट के मुद्दे पर।”

मंत्रियों के बीच इंडो-पैसिफिक, सूडान, हैती, गाजा, वेनेजुएला और क्यूबा समेत विभिन्न क्षेत्रीय स्थितियों पर भी चर्चा होगी।

बयान के अनुसार, फ्रांस और उसके साझेदार देश चेर्नोबिल के कंफाइनमेंट स्ट्रक्चर की मरम्मत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंड जुटाने में सहयोग करेंगे। यह संरचना 2025 में रूसी हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। साथ ही सीरिया में सिंथेटिक ड्रग कैप्टागन की तस्करी से निपटने के लिए एक क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने का भी फैसला लिया गया है।

--आईएएनएस

केआर/

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