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आईपीओ लॉक-इन एक्सपायरी खत्म होते ही फ्रैक्टल एनालिटिक्स और ऐ फाइनेंस समेत इन 4 शेयरों में 7.4 प्रतिशत तक की गिरावट

मुंबई, 16 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, क्योंकि इनके आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर ट्रेडिंग के लिए योग्य हो गए।
आईपीओ लॉक-इन एक्सपायरी खत्म होते ही फ्रैक्टल एनालिटिक्स और ऐ फाइनेंस समेत इन 4 शेयरों में 7.4 प्रतिशत तक की गिरावट

मुंबई, 16 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, क्योंकि इनके आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर ट्रेडिंग के लिए योग्य हो गए।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कंपनी के शेयर करीब 4.35 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि लगभग 0.69 करोड़ शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 4 प्रतिशत हैं, ट्रेडिंग के लिए खुल गए।

दोपहर 1:50 बजे के आसपास कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपए पर कारोबार करते नजर आए। यह शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपए से करीब 12 प्रतिशत नीचे चल रहा है।

वहीं, ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, और कंपनी के शेयर 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि खत्म हो गई।

पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयर 14.64 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि एक महीने में निवेशकों को करीब 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है। लॉक-इन खत्म होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

इसी तरह पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। सोमवार को कंपनी के शेयर करीब 3.2 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि लगभग 0.85 करोड़ शेयर, यानी कंपनी की करीब 2 प्रतिशत इक्विटी लॉक-इन से बाहर आ गई।

वहीं, नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर करीब 2.8 प्रतिशत गिर गए, क्योंकि करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।

इस बीच नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच खत्म होने वाली है।

इससे आने वाले महीनों में करीब 72 अरब डॉलर (लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपए) के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे बाजार की धारणा और शेयरों की चाल पर असर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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