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उज्जैन में होटल चैंबर की सफाई के दौरान 4 श्रमिकों की मौत, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

उज्जैन में होटल चैंबर की सफाई के दौरान 4 श्रमिकों की मौत, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख
उज्जैन में होटल चैंबर की सफाई के दौरान 4 श्रमिकों की मौत, सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

उज्जैन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक निजी होटल में फूड वेस्ट टैंक की सफाई के दौरान चार श्रमिकों की जान चली गई। इस हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवेदना प्रकट की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के 4-4 लाख रुपए आर्थिक मदद देने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

सीएम मोहन यादव की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया, "उज्जैन में एक निजी होटल में चैंबर की सफाई के दौरान हुई दुर्घटना में चार लोगों के दुखद निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। अनिल फिरोजिया की ओर से एक्स पोस्ट में लिखा गया, "उज्जैन में देवास रोड स्थित एक निजी होटल में सफाई कार्य के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार सफाई कर्मचारियों की असमय मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक एवं दुःखद है। इस दर्दनाक हादसे में चार परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। इस अपूरणीय क्षति से मन व्यथित है।"

सांसद ने आगे लिखा, "शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल उन्हें इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें तथा दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि।"

बता दें कि उज्जैन में देवास रोड पर होटल श्रीगंगा में फूड वेस्ट टैंक साफ करते समय जहरीली गैस की वजह से कम से कम चार मजदूरों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। यह घटना शनिवार रात करीब 10:30 बजे हुई, जब रेस्टोरेंट का फूड वेस्ट टैंक जाम हो गया। एक श्रमिक चैंबर में घुसकर उसे चेक करने लगा और फंस गया। उसे बचाने के लिए तीन और श्रमिक एक-एक करके अंदर गए, लेकिन जहरीली गैस और दम घुटने से चारों की मौत हो गई।

मरने वालों की पहचान वाल्मीकि नगर के रहने वाले कमलेश और नितिन, सोमवारिया के वाहिद और झालावाड़ के मनोज के तौर पर हुई है। चारों शवों का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल में किया जा रहा है।

एक मृतक के पिता शाकिर ने बताया कि उनका बेटा किराए के घर में रहता था और दिहाड़ी मजदूरी करता था। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि वह कल रात काम पर गया होगा। वह अपना टिफिन साथ ले गया था। बाद में मुझे पता चला कि उसकी मौत हो गई है।”

सूचना मिलने पर माधव नगर पुलिस और एक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने भी मौके का मुआयना किया। चैंबर का मुंह नहीं खुल पा रहा था, इसलिए उसे कटिंग मशीन से काटा गया। करीब डेढ़ घंटे की कोशिश के बाद चारों श्रमिकों को बाहर निकाला गया।

पुलिसकर्मियों ने सीपीआर दिया, लेकिन श्रमिकों को होश में नहीं लाया जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल संतोष और एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं। हेमराज नाम का एक सफाई कर्मचारी समय पर चैंबर से बाहर निकलने में कामयाब रहा और बच गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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