बिहार : जितिया पर्व के दौरान पूर्वी चंपारण में दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से चार बच्चियों की मौत
पटना, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट गांव में शुक्रवार को जितिया पर्व के दौरान तालाब में नहाने गईं चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जितिया पर्व मनाने के लिए जुटे हुए थे।
एक अधिकारी के अनुसार, पर्व के तहत गांव की कई महिलाएं और बच्चियां नहाने के लिए स्थानीय तालाब पर गई थीं। इसी दौरान चार बच्चियां कथित तौर पर तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं और डूब गईं। कुछ देर तक बच्चियां दिखाई नहीं दीं तो ग्रामीणों ने शोर मचाया और बड़ी संख्या में लोग तालाब के पास पहुंच गए।
स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर बच्चियों की तलाश शुरू की और चारों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें पहाड़पुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
मृत बच्चियों की पहचान प्रमोद महतो की 13 वर्षीय बेटी सोनामती, प्रमोद महतो की 10 वर्षीय बेटी फूलमती, वीरेंद्र महतो की 10 वर्षीय बेटी सोनाली कुमारी और अच्छेलाल पासवान की 12 वर्षीय बेटी प्रतिमा कुमारी के रूप में हुई है।
सूचना मिलने के बाद पहाड़पुर थाने की पुलिस गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी जुटाने के लिए मृत बच्चियों के परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस हादसे के बाद बनकट गांव में मातम पसर गया। गांव में सुबह से जितिया पर्व की खुशियां थीं, लेकिन चार बच्चियों की मौत के बाद माहौल गमगीन हो गया। बच्चियों के परिवारों के साथ ही गांव के अन्य लोग भी सदमे में हैं।
चार बच्चियों की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब पर सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की मांग की है। ग्रामीणों ने तालाब के खतरनाक और गहरे हिस्सों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की, ताकि लोगों को खतरे के बारे में पहले से जानकारी मिल सके।
ग्रामीणों ने भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए तालाब के संवेदनशील और खतरनाक हिस्सों के आसपास बैरिकेडिंग करने की भी मांग की।
इस बीच, पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने मृत बच्चियों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
--आईएएनएस
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