अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चीन पर खाद और अनाज की जमाखोरी का आरोप : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा कि चीन को अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक खाद्य और उर्वरक संकट को कम करने के लिए खाने-पीने की चीजों और खाद की जमाखोरी बंद करनी चाहिए। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डेविड मालपास ने कहा, “चीन के पास दुनिया में खाने-पीने की चीजों और उर्वरकों का सबसे बड़ा भंडार है। उन्हें अपने स्टॉक को बढ़ाना बंद करना चाहिए।”
मालपास 2017 से 2019 तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ट्रेजरी अंडर सेक्रेटरी फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स भी रह चुके हैं।
रिपोर्ट में जिक्र है कि कई देश वसंत की बुवाई से पहले खाद की सप्लाई सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी बीच चीन ने मार्च से कई तरह के उर्वरकों के निर्यात पर रोक लगा दी है। चीन का कहना है कि यह कदम घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
रिपोर्ट में उद्योग जगत की चेतावनी का भी जिक्र किया गया, जिसमें कहा गया कि सप्लाई रुकने की वजह से दुनिया भर में हर हफ्ते करीब दस अरब भोजन कम पड़ सकते हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब देशों पर होगा।
यारा कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव, स्वेन टोरे होलसेथर, ने बीबीसी से कहा कि खाद की कमी की वजह से फसलों की पैदावार घट सकती है, जिससे खाने की चीजों के लिए देशों के बीच होड़ मच सकती है।
साल 2025 में चीन दुनिया के कुल उर्वरक उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा था, और उसके उर्वरक निर्यात की कुल कीमत 13 अरब डॉलर से ज्यादा थी। चीन 2021 से ही खाद के निर्यात पर कुछ पाबंदियां लगा रहा है।
मालपास ने यह भी कहा कि चीन का खुद को विकासशील देश बताना सही नहीं लगता, क्योंकि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
मालपास के आरोपों पर जवाब देते हुए वॉशिंगटन डीसी स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने कहा कि चीन को दुनिया का सबसे बड़ा विकासशील देश माना जाता है, और इसके पीछे पर्याप्त तथ्य मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी कहा, “चीन वैश्विक खाद्य और उर्वरक बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा खाद्य और उर्वरक सप्लाई संकट के लिए सिर्फ चीन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।”
मालपास ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही जारी रहना चीन के आर्थिक हित में है, इसलिए चीन को मौजूदा तनाव खत्म कराने में मदद करनी चाहिए।
--आईएएनएस
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